नहरी पानी चोरी रोकने गए अधिकारियों पर दबंगों का हमला, मोबाइल छीने और गाड़ी तोड़ी; कैनाल गार्ड हिसार रेफर
हांसी के खरकड़ा में पानी चोरी रोकने गए सिंचाई विभाग के 2 JE और कैनाल गार्ड पर दबंगों ने हमला कर गाड़ी तोड़ी। कर्मचारियों ने 24 घंटे में हड़ताल की चेतावनी दी।
हांसी: खरकड़ा गांव में सिंचाई विभाग के दो जेई और एक कैनाल गार्ड के साथ मारपीट का मामला सामने आया है. एक कर्मचारी को गंभीर चोट आई है. उसको बेहतर इलाज के लिए हिसार रेफर किया गया है. घायल कर्मचारी ने बताया कि दबंगों ने सरकारी वाहन में भी तोड़फोड़ की. घटना के बाद सबूत मिटाने के उद्देश्य से दबंगों ने कर्मचारियों के मोबाइल फोन तक छीन लिए, क्योंकि दोनों फोन में सबूत के तौर पर वीडियो बनाया गया था.
सिंचाई विभाग के कर्मचारियों से मारपीट: घटना के बाद से सिंचाई विभाग के कर्मचारियों में भारी रोष है. सिंचाई विभाग कर्मचारी यूनियन ने 24 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर हड़ताल की चेतावनी दी है. आपको बता दें कि नहरी पानी की चोरी पर रोक और टेल तक हर किसान को उसके हिस्से का पानी मिलने के उद्देश्य से कार्रवाई की जा रही है. सिंचाई विभाग की टीम इसी अभियान के तहत हांसी के खरकड़ा गांव में पहुंची और अवैध रूप से नहर से पानी चोरी करने वालों पर कार्यवाही की.
सबूत मिटाने के लिए फोन छीने: आरोप है कि विभाग के जेई जितेंद्र जाखड़, जेई अंकित बिसला और कैनाल गार्ड सचिन के साथ किसानों ने मारपीट की. इस दौरान उनके सबूत मिटाने के लिए दो मोबाइल फोन छीन लिए. इस घटना में दो जेई को चोटें आईं, जबकि कैनाल गार्ड सचिन की हालत गंभीर होने पर उसे उपचार के लिए हिसार रेफर किया गया.
नहरी पानी की चोरी रोकने गए थे कर्मचारी: जेई अंकित बिसला ने बताया कि "नहरी विभाग टेल तक पानी पहुंचाने के उद्देश्य से लगातार कार्रवाई कर रहा है. इसी अभियान के तहत पहले नहर पर करीब 150 मीटर तक अवैध रूप से ट्यूब लगाकर पानी चोरी करने के आरोप में 25 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था. इसी कड़ी में हम खरकड़ा गांव में दबिश देने गए थे, लेकिन वहां के किसानों ने हमारे ऊपर हमला किया."
24 घंटे के भीतर आरोपियों पर कार्रवाई की मांग: सिंचाई विभाग यूनियन हांसी के प्रधान अशोक यादव ने चेतावनी दी है कि "यदि 24 घंटे के भीतर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो विभाग के सभी कर्मचारी हड़ताल पर चले जाएंगे, जिससे विभाग का कामकाज पूरी तरह ठप हो सकता है."
दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग: कैनाल गार्ड सचिन का कहना है कि "हम नहरी पानी की चोरी रोकने और टेल तक पानी पहुंचाने के अभियान के तहत ड्यूटी पर थे. कार्रवाई के दौरान कुछ किसानों ने हमारे ऊपर हमला कर दिया, जिसमें हमें चोटें आईं. हम चाहते हैं कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी सरकारी कर्मचारी अपनी ड्यूटी के दौरान इस तरह के हमले का शिकार न हो. हमारे दो फोन सबूत मिटाने के लिए छीन लिए गए. गाड़ी पर भी हमला किया है."
मामले की जांच जारी: सदर थाना प्रभारी पवित्र ने बताया कि "सिंचाई विभाग की शिकायत हमें मिली है. पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है. सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी. जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी."