Nayab Saini Cabinet Meeting: हुड्डा का 27 लाख पीनल रेंट माफ, पूर्व चेयरमैन राजवीर फौगाट पर लगा 4 लाख का जुर्माना
हरियाणा में सीएम नायब सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा का 27.17 लाख रुपये का पीनल रेंट माफ कर दिया गया है।
चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर बकाया करीब 27 लाख 17 हजार रुपये का पीनल रेंट माफ करने की मंजूरी दी गई। वहीं दूसरी ओर, पूर्व की मनोहर सरकार में जेजेपी (JJP) कोटे से हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन रहे राजवीर सिंह फौगाट पर सरकारी आवास खाली न करने के एवज में करीब 4 लाख रुपये की पेनल्टी लगाई गई है। पंचकूला में सरकारी कोठी खाली करने में देरी पर उन पर 38 लाख का पीनल रेंट बना था, जिस पर चर्चा के बाद यह फैसला लिया गया।
📜 अगस्त 2024 से जुड़ा था बकाया मामला: तीन मंत्रियों की आपत्ति के बाद दोबारा कैबिनेट में लाया गया प्रस्ताव
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का यह पीनल रेंट अगस्त 2024 से वर्ष 2025 के अंत तक सरकारी आवास में निर्धारित समय से अधिक रुकने के कारण लगा था, क्योंकि उस दौरान उनके पास औपचारिक रूप से नेता प्रतिपक्ष का दर्जा नहीं था। हुड्डा की ओर से बकाया माफ करने का अनुरोध किया गया था, जिसके बाद यह प्रक्रिया शुरू हुई। पूर्व में हुई एक कैबिनेट बैठक में तीन मंत्रियों की आपत्ति के कारण इस प्रस्ताव को टाल दिया गया था, लेकिन इस बार व्यापक विचार-विमर्श के बाद इसे हरी झंडी दे दी गई।
⚖️ क्या है हरियाणा लोक निर्माण विभाग का पीनल रेंट नियम? जानिए कितनी लगती है पेनल्टी
हरियाणा लोक निर्माण विभाग (PWD) के नियमों के अनुसार, नई सरकार का गठन होने के बाद किसी भी पूर्व मंत्री या विधायक को 15 दिनों के भीतर सरकारी आवास खाली करना अनिवार्य होता है। तय समयसीमा में आवास खाली न करने पर भारी-भरकम पीनल रेंट लागू होता है। नियम के मुताबिक:
-
पहले महीने: सामान्य किराए का 50 गुना
-
दूसरे महीने: सामान्य किराए का 100 गुना
-
तीसरे महीने: सामान्य किराए का 200 गुना
-
चौथे महीने से: सामान्य किराए का 400 गुना किराया वसूलने का सख्त प्रावधान है।