Strike Half Salary Payment Updates: हड़ताल के 8 दिनों के वेतन और भत्तों के लिखित आदेश की मांग पर अड़े कर्मचारी नेता
हरियाणा के अग्निशमन विभाग (दमकल) में कार्यरत कर्मचारियों के भत्तों और हड़ताल अवधि के रुके हुए वेतन भुगतान को लेकर राज्य सरकार और विभागीय अधिकारियों के बीच तनातनी तथा टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल द्वारा दिए गए स्पष्ट आदेशों के नौ दिन बीत जाने के बावजूद निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने अब तक इससे संबंधित आधिकारिक पत्र जारी नहीं किए हैं। अधिकारियों की इस वादाखिलाफी से दमकल कर्मचारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
📜 मंत्री विपुल गोयल ने 28 अक्टूबर को दिए थे 3 महत्वपूर्ण पत्र जारी करने के निर्देश
मंत्री के निर्देश और लंबित मांगें: हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के राज्य प्रधान राजेंद्र सिंह और राज्य महासचिव गुलशन भारद्वाज ने एक संयुक्त बयान जारी कर बताया कि राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल ने 28 अक्टूबर 2026 को विभागीय अधिकारियों की बैठक में तीन अत्यंत महत्वपूर्ण आदेश तुरंत प्रभाव से जारी करने के कड़े निर्देश दिए थे:
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₹5,000 जोखिम भत्ता: दमकलकर्मियों को प्रतिमाह दिए जाने वाले ₹5,000 के जोखिम भत्ते (Risk Allowance) के आदेश।
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₹7,500 वर्दी भत्ता: कर्मचारियों के वार्षिक ₹7,500 वर्दी भत्ते (Uniform Allowance) से संबंधित निर्देश।
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हड़ताल अवधि का वेतन: कर्मचारियों की पूर्व हड़ताल के दौरान रोके गए 8 दिनों के आधे वेतन भुगतान (Half Salary Payment) की स्वीकृति।
🛑 कर्मचारी नेताओं की स्पष्ट चेतावनी: "हमें अब सिर्फ मौखिक आश्वासन नहीं, लिखित आदेश चाहिए"
यूनियन का कड़ा रुख और आगामी रणनीति:
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निदेशालय की कार्यशैली पर सवाल: यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि मंत्री के सख्त निर्देशों के बावजूद निदेशालय के अधिकारी फाइल को दबाकर बैठे हैं और जानबूझकर आदेश जारी करने में देरी कर रहे हैं।
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लिखित आदेश की मांग: कर्मचारी संगठन का स्पष्ट कहना है कि अब उन्हें विभाग की तरफ से केवल खोखले मौखिक आश्वासन नहीं चाहिए, बल्कि सभी मांगों के विधिवत और पक्के लिखित आदेश तुरंत जारी किए जाएं।
🤝 दिवाली के तुरंत बाद बुलाई गई राज्य कमेटी की बैठक; तैयार होगी चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा
आगामी कदम: विभागीय अधिकारियों की इस अड़ियल कार्यशैली और ढुलमुल रवैये के खिलाफ दमकल कर्मचारी यूनियन ने दिवाली के त्योहार के तुरंत बाद राज्य कमेटी की एक आपातकालीन बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस महत्वपूर्ण बैठक में निदेशालय के अधिकारियों के खिलाफ चरणबद्ध और उग्र आंदोलन की रणनीति की रूपरेखा आधिकारिक तौर पर तैयार की जाएगी।