Haryana CM Meeting Decisions Tracking: अब नहीं अटकेगी फाइलें, हर फैसले के साथ तय होगी जिम्मेदारी और डेडलाइन
चंडीगढ़: मुख्यमंत्री की बैठक में कोई फैसला हुआ तो अब उसकी फाइल आगे बढ़ने का इंतजार नहीं होगा। हर निर्णय के साथ यह भी तय होगा कि काम कौन करेगा, कब तक करेगा और उसका नतीजा क्या होना चाहिए।
हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में होने वाली बैठकों के फैसलों को समय पर लागू कराने के लिए नई एसओपी लागू की है। इसमें हर निर्णय की जिम्मेदारी तय करने से लेकर उसकी प्रगति की ऑनलाइन निगरानी तक की व्यवस्था की गई है।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से जारी एसओपी के अनुसार मुख्यमंत्री की बैठकों की कार्यवाही में केवल चर्चा का विवरण नहीं लिखा जाएगा। उसमें लिए गए फैसलों और उन पर होने वाली कार्रवाई को स्पष्ट रूप से दर्ज किया जाएगा। यदि किसी फैसले में कई विभाग शामिल हैं तो मुख्य जिम्मेदार विभाग और दूसरे संबंधित विभागों की भूमिका भी पहले ही तय होगी।
देरी हुई तो हर महीने देनी होगी रिपोर्ट
बैठक के फैसलों पर पहली कार्रवाई रिपोर्ट एक महीने के भीतर देनी होगी। काम समय पर पूरा नहीं हुआ तो हर महीने नई रिपोर्ट देनी होगी। इसमें देरी का कारण, अब तक हुआ काम, बाकी काम और नई समय-सीमा बतानी होगी। हर विभाग इसके लिए एक वरिष्ठ अधिकारी को नोडल अधिकारी बनाएगा।