Emergency Preparedness Rules Updates: आपातकालीन केंद्रों में स्ट्रैचर और आई/वी सॉल्यूशंस तैयार रखने के निर्देश, जानें पूरा प्लान
चंडीगढ़: दिवाली पर्व के दौरान किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने और मरीजों को त्वरित इलाज उपलब्ध कराने के लिए हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने प्रदेश के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को हाई अलर्ट मोड पर रहने की विशेष सलाह (Advisory) जारी की है। त्योहारी सीजन में आतिशबाजी व पटाखों से जलने तथा धुएं के कारण सांस संबंधी समस्याओं के मामलों में संभावित बढ़ोतरी को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पुख्ता इंतजाम करने के आदेश दिए हैं। सभी अस्पतालों में अलग से 'बर्न वार्ड' (Burn Ward) तैयार करने और हर सरकारी अस्पताल में कम से कम 20 से अधिक बेड आरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
🩺 पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन, ब्रोंकोडायलेटर्स और बर्न किट का प्रबंध सुनिश्चित करने के आदेश
जरूरी दवाओं और मेडिकल किट की व्यवस्था:
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दवाइयों व सिलेंडरों का बैकअप: आपातकालीन केंद्रों में सांस के मरीजों के लिए ब्रोंकोडायलेटर्स, पर्याप्त ऑक्सीजन सिलेंडर और जलने के इलाज के लिए विशेष 'बर्न ट्रीटमेंट किट' तथा आवश्यक एंटीबायोटिक्स का अग्रिम प्रबंध सुनिश्चित करने को कहा गया है।
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संसाधनों की सुगम उपलब्धता: बर्न मरीजों के तत्काल उपचार के लिए पर्याप्त संख्या में स्ट्रैचर, इमरजेंसी बेड, आई/वी स्टैंड और आई/वी सॉल्यूशंस की सुगम उपलब्धता अस्पतालों में बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
👨⚕️ नेत्र, सर्जरी और ईएनटी विशेषज्ञ रहेंगे ऑन-कॉल; डॉक्टरों के शहर से बाहर जाने पर रोक
विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती व पाबंदी:
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विशेषज्ञ टीमों की तैनाती: आतिशबाजी से आंखों, कान-नाक-गले या शरीर के अन्य हिस्सों में लगने वाली चोटों के त्वरित इलाज के लिए नेत्र रोग (Ophthalmology), आर्थोपेडिक, ईएनटी (E.N.T.) और सर्जरी विशेषज्ञों को 24 घंटे अलर्ट मोड व ऑन-कॉल ड्यूटी पर रखा गया है।
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छुट्टियों पर पाबंदी: दिवाली के दिन किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सरकारी व निजी दोनों क्षेत्रों के विशेषज्ञों को तैनात रहने का आदेश जारी हुआ है। इसके अतिरिक्त त्योहारी अवधि में चिकित्सा कर्मियों और विशेषज्ञ डॉक्टरों को बिना अनुमति शहर से बाहर जाने (Leave/Out of station) की अनुमति नहीं होगी।