Gurugram Rapid Metro: हरियाणा में रैपिड मेट्रो की कमाई और यात्रियों की संख्या में शानदार उछाल, नई परियोजनाओं को हरी झंडी
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बल्लभगढ़-पलवल मेट्रो विस्तार को मंजूरी दी है। इसके साथ ही गुरुग्राम और नमो भारत कॉरिडोर के प्रोजेक्ट्स पर भी काम तेज हो गया है।
हरियाणा में सार्वजनिक परिवहन और रैपिड ट्रांजिट नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बल्लभगढ़ से पलवल तक मेट्रो विस्तार परियोजना की अंतिम व्यवहार्यता रिपोर्ट (Feasibility Report) को आधिकारिक रूप से मंजूरी दे दी है। इस महत्वपूर्ण परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट अब केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय को भेज दी गई है। इसके अलावा, गुरुग्राम से पंचगांव तक मेट्रो विस्तार और बहुप्रतीक्षित दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर जैसी बड़ी परियोजनाओं पर भी तेजी से काम आगे बढ़ रहा है।
📈 गुरुग्राम रैपिड मेट्रो के प्रदर्शन में जबरदस्त सुधार: अप्रैल से अगस्त के दौरान यात्रियों की संख्या और परिचालन आय में शानदार इजाफा
हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HMRTC) की मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई 66वीं बोर्ड बैठक में गुरुग्राम रैपिड मेट्रो के शानदार प्रदर्शन के आंकड़े सामने आए। प्रबंध निदेशक अजय कुमार ने बताया कि अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच रैपिड मेट्रो में कुल 88.81 लाख यात्रियों ने सफर किया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि (79.57 लाख) के मुकाबले 11.62 प्रतिशत अधिक है। इस दौरान परिचालन आय भी बढ़कर 18.60 करोड़ रुपये हो गई, जबकि विज्ञापनों और स्टेशन परिसरों की ई-नीलामी से मिलने वाले गैर-किराया राजस्व में भी भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
🚆 दिल्ली-पानीपत-करनाल और गुरुग्राम-नोएडा नमो भारत कॉरिडोर: क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार
बैठक में 136.30 किलोमीटर लंबे दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अनुमानित 33,051 करोड़ रुपये की लागत वाले इस कॉरिडोर में 17 प्रमुख स्टेशन प्रस्तावित हैं, जो दिल्ली को हरियाणा के औद्योगिक व वाणिज्यिक केंद्रों से जोड़ेंगे। इसके साथ ही गुरुग्राम से पंचगांव तक बनने वाले 35.25 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड मेट्रो कॉरिडोर (जिसमें 28 स्टेशन प्रस्तावित हैं) को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। पंचगांव में यह मेट्रो कॉरिडोर आरआरटीएस (नमो भारत) नेटवर्क से जुड़ेगा, जिससे यात्रियों को अत्याधुनिक और तेज गति वाली परिवहन सुविधा प्राप्त होगी।