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Haryana Mandi Pending News: धान खरीद सीजन अंतिम चरण में, किसानों का 233.84 करोड़ का भुगतान अभी भी लंबित

हरियाणा में धनतेरस व छोटी दिवाली पर भी धान खरीद और उठान जारी रहेगा। अब तक 42.56 LMT धान खरीदा गया और 8786 करोड़ रुपये का भुगतान खातों में हुआ।
 

हरियाणा में धान खरीद सीजन के औपचारिक समापन में अब केवल 10 दिनों का समय शेष बचा हुआ है। राज्य की मंडियों में धान की आवक और उठान की प्रक्रिया को तेज गति देने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है कि धनतेरस और छोटी दिवाली के पावन अवसर पर भी मंडियों में नियमित खरीद और उठान का कार्य जारी रहेगा।

प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार, दिवाली के दिन (रविवार) को भी किसान अपनी धान की फसल मंडियों में ला सकेंगे और उनके लिए गेट पास भी विधिवत काटे जाएंगे। हालांकि, रविवार का दिन होने के कारण उस दिन नई फसल की खरीद दर्ज नहीं की जाएगी, लेकिन मंडियों में पहले से खरीदी गई धान का उठान कार्य तेजी से चालू रहेगा।

📊 अब तक 42.56 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद दर्ज; कुल लक्ष्य 58 एलएमटी

आवक, उठान और लक्ष्य के आंकड़े:

  • कुल आवक: राज्य की विभिन्न मंडियों में अब तक कुल 47.79 लाख मीट्रिक टन (LMT) धान की आवक दर्ज की जा चुकी है।

  • खरीद की स्थिति: इस बार राज्य सरकार ने कुल 58 एलएमटी धान खरीद का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसके मुकाबले अब तक 42.56 एलएमटी धान की सफल खरीद दर्ज की गई है।

  • उठान की स्थिति: मंडियों में जमा धान में से अब तक 37.87 एलएमटी धान का उठान पूरा कर लिया गया है।

  • धीमी हुई आवक: धान खरीद सीजन के अपने अंतिम चरण में पहुँचने का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते गुरुवार को प्रदेश भर की सभी मंडियों में कुल मिलाकर केवल 50 हजार मीट्रिक टन (MT) धान की ही नई आवक दर्ज हुई।

💰 किसानों के खातों में पहुँचे ₹8,786 करोड़; ₹233.84 करोड़ का भुगतान अभी भी अटका

भुगतान और वित्तीय स्थिति: खाद्य एवं आपूर्ति निदेशालय द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, किसानों को दिए जाने वाले कुल 9,019.91 करोड़ रुपये के देय भुगतान में से 8,786.07 करोड़ रुपये की राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर (डीबीटी) की जा चुकी है। हालांकि, कागजी औपचारिकताओं व सत्यापन प्रक्रिया के कारण अभी भी प्रदेश के किसानों का 233.84 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित (अटका हुआ) है, जिसे जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए हैं।