{"vars":{"id": "123258:4912"}}

Operation Trackdown Haryana Police: स्वतंत्रता दिवस से पहले एक्शन में हरियाणा पुलिस, 3 दिन में दबोचे 903 अपराधी

स्वतंत्रता दिवस 2026 से पहले हरियाणा पुलिस ने 'ऑपरेशन ट्रैकडाउन' के तहत 3 दिनों में 903 अपराधियों को गिरफ्तार किया। जानिए डीजीपी अजय सिंघल के कड़े निर्देश।

 

चंडीगढ़ : स्वतंत्रता दिवस-2026 से पहले हरियाणा पुलिस ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को अभेद्य बनाने और अपराधियों में कानून का भय स्थापित करने के उद्देश्य से व्यापक स्तर पर 'ऑपरेशन ट्रैकडाउन' शुरू किया है। इस विशेष अभियान के तहत पुलिस ने संगठित अपराध, हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, फिरौती, स्नैचिंग, अपहरण और अवैध हथियारों से जुड़े मामलों में संलिप्त अपराधियों के खिलाफ राज्यव्यापी कार्रवाई तेज कर दी है। अभियान का मकसद केवल फरार अपराधियों को गिरफ्तार करना ही नहीं, बल्कि उनके पूरे आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त कर प्रदेश में शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना भी है।

महज तीन दिनों में इस अभियान के परिणाम बेहद प्रभावशाली रहे हैं। 1 अगस्त से 3 अगस्त 2026 के बीच हरियाणा पुलिस ने राज्यभर में 903 अपराधियों को गिरफ्तार कर अपराध जगत में बड़ा संदेश दिया है कि अब कानून से बच निकलना आसान नहीं होगा। पुलिस की इस कार्रवाई को स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में सबसे बड़े अभियानों में से एक माना जा रहा है।

तीन दिन में 903 गिरफ्तारी, गंभीर मामलों के 139 आरोपी भी दबोचे
ऑपरेशन ट्रैकडाउन के दौरान पुलिस ने प्रदेशभर में लगातार छापेमारी कर कुल 903 अपराधियों को गिरफ्तार किया। इनमें 139 आरोपी हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, फिरौती, स्नैचिंग, अपहरण और अवैध हथियार जैसे गंभीर अपराधों में सीधे शामिल पाए गए, जबकि 767 अन्य मामलों में वांछित अथवा गिरफ्तार अपराधी भी अभियान के दौरान पुलिस के शिकंजे में आए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस अभियान के दौरान जिला पुलिस, अपराध शाखाओं और विशेष इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला, जिससे कम समय में बड़ी सफलता हासिल हुई।

हत्या से लेकर डकैती तक, 103 गंभीर मामलों में कार्रवाई
तीन दिनों के अभियान में पुलिस ने 103 गंभीर आपराधिक मामलों में निर्णायक कार्रवाई की। इनमें सबसे अधिक 43 मामले आर्म्स एक्ट के रहे, जो प्रदेश में अवैध हथियारों के नेटवर्क पर पुलिस की विशेष नजर को दर्शाते हैं।
इसके अलावा 19 हत्या के प्रयास, 16 हत्या, 7 लूट, 4 फिरौती, 3 डकैती, 6 स्नैचिंग तथा 3 अपहरण के मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इन सभी मामलों में कुल 139 आरोपियों को कानून के दायरे में लाया गया।
पुलिस का मानना है कि ऐसे अपराधों में त्वरित कार्रवाई से न केवल अपराधियों का मनोबल टूटेगा बल्कि आम लोगों में भी सुरक्षा का विश्वास मजबूत होगा।

डीजीपी अजय सिंघल बोले— अपराधियों के लिए हरियाणा में अब कोई जगह नहीं
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने स्पष्ट कहा कि ऑपरेशन ट्रैकडाउन केवल एक नियमित अभियान नहीं, बल्कि अपराधियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व से पहले राज्यभर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, डकैती, फिरौती, अपहरण, स्नैचिंग और अवैध हथियारों जैसे गंभीर अपराधों में शामिल किसी भी अपराधी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

डीजीपी ने सभी जिला पुलिस प्रमुखों, अपराध शाखाओं, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) तथा अन्य विशेष इकाइयों को निर्देश दिए हैं कि फरार, वांछित और आदतन अपराधियों की पहचान कर लगातार कार्रवाई जारी रखी जाए तथा उनके पूरे आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त किया जाए। उन्होंने दोहराया कि हरियाणा पुलिस जीरो टॉलरेंस नीति के तहत काम कर रही है और प्रदेशवासियों की सुरक्षा ही उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

हिस्ट्रीशीटरों पर भी कड़ी नजर, 13 नई हिस्ट्रीशीट खोली गईं
ऑपरेशन ट्रैकडाउन के दौरान केवल गिरफ्तारी तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रही। पुलिस ने प्रदेश के 13 नए आदतन अपराधियों की हिस्ट्रीशीट भी खोली है। इसके साथ ही 81 पुराने हिस्ट्रीशीटरों की हिस्ट्रीशीट अपडेट कर उनके आपराधिक रिकॉर्ड को और मजबूत बनाया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हिस्ट्रीशीट अपडेट होने से ऐसे अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखना आसान होगा और भविष्य में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई और अधिक प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।

एसटीएफ, अपराध शाखा और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
इस अभियान की सबसे बड़ी विशेषता विभिन्न पुलिस इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय रही। जिला पुलिस, अपराध शाखा, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और अन्य विशेष इकाइयों ने संयुक्त रूप से प्रदेशभर में लगातार छापेमारी अभियान चलाए। फरार अपराधियों की तलाश, अवैध हथियारों की बरामदगी, हिस्ट्रीशीटरों की निगरानी और संगठित अपराध के नेटवर्क को तोड़ने के लिए लगातार सूचना आधारित कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि यह अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा।

स्वतंत्रता दिवस समारोहों की सुरक्षा पर विशेष फोकस
हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस के दौरान प्रदेशभर में बड़े सरकारी और सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। ऐसे आयोजनों को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। ऑपरेशन ट्रैकडाउन के माध्यम से पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि किसी भी असामाजिक या आपराधिक तत्व को कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का अवसर न मिले। इसके लिए संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी, संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त, विशेष नाकाबंदी और लगातार जांच अभियान चलाए जा रहे हैं।

अपराधियों के लिए स्पष्ट संदेश
हरियाणा पुलिस का यह अभियान अपराधियों के लिए साफ संदेश है कि अब प्रदेश में कानून से बच निकलना आसान नहीं होगा। तकनीक, खुफिया सूचना और समन्वित कार्रवाई के दम पर पुलिस लगातार ऐसे तत्वों तक पहुंच रही है जो लंबे समय से फरार थे या संगठित अपराध को बढ़ावा दे रहे थे। पुलिस का मानना है कि अपराधियों के खिलाफ ऐसी सतत कार्रवाई से न केवल अपराधों पर अंकुश लगेगा बल्कि आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना भी मजबूत होगी।

स्वतंत्रता दिवस-2026 से पहले शुरू किया गया ऑपरेशन ट्रैकडाउन हरियाणा पुलिस की अपराध नियंत्रण रणनीति का बड़ा और निर्णायक कदम साबित हो रहा है। मात्र तीन दिनों में 903 अपराधियों की गिरफ्तारी, गंभीर मामलों में शामिल 139 आरोपियों की धरपकड़, हिस्ट्रीशीटरों पर शिकंजा और पूरे राज्य में समन्वित पुलिस कार्रवाई यह संकेत देती है कि हरियाणा पुलिस अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति को पूरी गंभीरता से लागू कर रही है। यदि इसी प्रकार लगातार अभियान जारी रहे तो न केवल स्वतंत्रता दिवस शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न होगा, बल्कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को भी दीर्घकालिक मजबूती मिलेगी।