रोडवेज कर्मचारियों का ऐलान: 24 मई को अनिल विज के आवास का करेंगे घेराव
हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों ने निजीकरण और पे-ग्रेड समेत कई मांगों को लेकर 24 मई को परिवहन मंत्री अनिल विज के घेराव का किया ऐलान। जानें क्या हैं मुख्य मांगें।
रोहतक: हरियाणा के रोडवेज कर्मचारी 24 मई को अंबाला में परिवहन मंत्री अनिल विज के आवास का घेराव करेंगे. निजीकरण समेत अन्य मांगों को लेकर कर्मचारी प्रदर्शन करेंगे और कैबिनेट मंत्री अनिल विज को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौपेंगे. कर्मचारियों ने कहा कि अगर इनकी मांगों पर सरकार ने अमल नहीं किया, तो बड़ा आंदोलन करेंगे और सदस्यता अभियान चलाकर कर्मचारियों को जागरूक किया जाएगा.
रोहतक में रोडवेज कर्मचारियों की बैठक: शनिवार को हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के कर्मचारियों ने बैठक की. बैठक की अध्यक्षता यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र दिनोद ने की. जबकि अखिल भारतीय राज्य कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय प्रधान सुभाष लांबा विशेष तौर पर मौजूद रहे. रोडवेज कर्मचारियों ने अग्निशमन कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन किया और प्रस्ताव पास किया गया कि अग्निशन विभाग के कर्मचारियों के आंदोलन के दौरान रोडवेज के चालकों को अग्निशमन विभाग में ना भेजा जाए.
इन मांगों को लेकर करेंगे प्रदर्शन: सम्मेलन में कर्मचारियों की मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई. यूनियन की मांग है कि चारों लेबर कोड रद्द किए जाएं, आठवें वेतन आयोग का गठन किया जाए, समान काम-समान वेतन दिया जाए, ओल्ड पेंशन स्कीम लागू की जाए, सभी अस्थाई कर्मचारियों को स्थाई किया जाए, 22 मई 2025 व 22 फरवरी 2026 को महानिदेशक के साथ वार्ता के दौरान मानी गई मांगों को लागू किया जाए, चालकों, परिचालकों व लिपिकों का पे ग्रेड बढाया जाए और निजीकरण बंद कर रोडवेज के बेड़े में 10 हजार बस शामिल की जाएं.
सरकार पर गंभीर आरोप: सुभाष लांबा ने कहा कि "सरकार नेशनल मुद्रीकरण पाइपलाइन के नाम पर पीएसयू व सरकारी विभागों का निजीकरण कर रही है. सरकार विभागों में अलग-अलग तरह अस्थाई कर्मचारियों की भर्ती कर रही है और सरकारी विभागों का निजीकरण कर रही है." नरेंद्र दिनोद ने बताया कि "हाई कोर्ट के फैसले के बाद भी सरकार अस्थाई कर्मचारियों को नियमित करने में आनाकानी कर रही है."