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Haryana State Teacher Award 2026: नूंह के शिक्षक श्याम सुंदर को मिलेगा राज्य शिक्षक पुरस्कार, जिले से बने इकलौते चयन

नूंह जिले के राजकीय माध्यमिक विद्यालय कंसाली के श्याम सुंदर का राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयन हुआ है। 5 सितंबर को होगा सम्मान।
 

नूंह : “इरादे मजबूत हों तो मंजिल दूर नहीं होती, मेहनत सच्ची हो तो कोई राह मजबूर नहीं होती।” इन पंक्तियों को अपने समर्पण, मेहनत और मजबूत इरादों से साकार कर दिखाया है राजकीय माध्यमिक विद्यालय कंसाली के ईएसएचएम श्याम सुंदर ने। शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान और विद्यालय के शैक्षणिक एवं भौतिक विकास के लिए किए गए प्रयासों को देखते हुए हरियाणा सरकार ने उन्हें राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित किया है। खास बात यह है कि नूंह जिले से इस बार श्याम सुंदर का राज्य पुरस्कार के लिए इकलौते शिक्षक के रूप में चयन हुआ है।

श्याम सुंदर को आगामी 5 सितंबर 2026 को चंडीगढ़ में आयोजित समारोह में हरियाणा के राज्यपाल और मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया जाएगा। प्रदेश के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा तथा नगीना के खंड शिक्षा अधिकारी बालकिशन ने भी उनके चयन की पुष्टि की है। उनके चयन से विद्यालय परिवार के साथ-साथ कंसाली गांव और पूरे नूंह जिले में खुशी का माहौल है।

विद्यालय की तस्वीर बदलने का उठाया बीड़ा

श्याम सुंदर ने 7 सितंबर 2019 को राजकीय माध्यमिक विद्यालय कंसाली में कार्यभार संभाला था। कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ आधारभूत सुविधाओं के विकास को भी प्राथमिकता दी। उनके प्रयासों से विद्यालय में सीसीटीवी कैमरे, आधुनिक रसोई, स्वच्छ शौचालय, गार्डन, ऊंची चारदीवारी, आकर्षक मुख्य द्वार और खेल मैदान जैसी सुविधाओं में सुधार हुआ।

उन्होंने विद्यालय को केवल पढ़ाई तक सीमित न रखते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर भी जोर दिया। बच्चों का ड्रॉपआउट रोकने, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने, अनुशासन और स्वच्छता को बढ़ावा देने के साथ ही विद्यार्थियों में राष्ट्र भावना विकसित करने के लिए लगातार कार्य किया।

ग्रामीणों को साथ लेकर किया विद्यालय का विकास

श्याम सुंदर की कार्यशैली की खास बात यह रही कि उन्होंने विद्यालय के विकास को केवल शिक्षकों और विभाग तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने ग्रामीणों, स्कूल मैनेजमेंट कमेटी और साथी शिक्षकों को साथ लेकर सामुदायिक भागीदारी सुनिश्चित की। इसी सामूहिक प्रयास से विद्यालय में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिले। विद्यालय में शैक्षणिक माहौल बेहतर बनाने के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। रक्तदान शिविर सहित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों और ग्रामीणों को सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया गया।

सम्मान को बताया सामूहिक प्रयास का परिणाम

राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित होने पर श्याम सुंदर ने सरकार और शिक्षा विभाग के अधिकारियों का आभार जताया। उन्होंने पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी गीता आर्य, वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता राजुद्दीन, ग्रामीणों, स्कूल मैनेजमेंट कमेटी और साथी शिक्षकों का भी विशेष रूप से धन्यवाद किया।

उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि उन सभी लोगों का सम्मान है, जिन्होंने विद्यालय के विकास में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग दिया। उनका कहना है कि शिक्षक का असली पुरस्कार विद्यार्थियों की सफलता और विद्यालय में होने वाला सकारात्मक बदलाव है। नूंह जिले से राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए इकलौते शिक्षक के रूप में चयनित होने पर श्याम सुंदर की उपलब्धि ने यह संदेश दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति, सामुदायिक सहयोग और निरंतर मेहनत से सरकारी विद्यालयों की तस्वीर बदली जा सकती है।