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उमस का सेहत पर असर: पेट की बीमारियों से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय

उमस भरे मौसम में पेट दर्द, अपच और उल्टी के मरीज बढ़े। डॉक्टर की सलाह: बासी भोजन से बचें और खानपान में रखें सावधानी। जानें संक्रमण से बचने के खास तरीके।

 

भिवानी। मौसम में बढ़ी नमी के कारण पाचन तंत्र प्रभावित होने लगा है। पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में इन दिनों पेट दर्द, अपच, हल्के दस्त और उल्टी की शिकायत लेकर रोजाना 40 से 45 मरीज पहुंच रहे हैं। कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में बीपी लो की समस्या भी सामने आ रही है। मौसम में उतार-चढ़ाव और जंक फूड के बढ़ते सेवन ने भी परेशानी बढ़ा दी है।

शुक्रवार को शहर का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दोपहर बाद बादल छाए रहने से मौसम सुहावना रहा लेकिन बढ़ी नमी ने लोगों की दिनचर्या और खानपान पर असर डाला है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मौसम में शरीर का पाचन तंत्र अधिक संवेदनशील हो जाता है, जिससे संक्रमण और पाचन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

गर्मी के बाद आने वाला उमस भरा मौसम अपने साथ केवल चिपचिपी गर्मी ही नहीं बल्कि कई स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां भी लेकर आता है। इन दिनों अस्पताल की ओपीडी में पेट संबंधी बीमारियों के मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। चिकित्सकों के अनुसार उमस के मौसम में अपच, हल्के पेट दर्द, दस्त और उल्टी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।

ये हैं कारण
पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के फिजिशियन डॉ. यतिन गुप्ता ने बताया कि उमस के मौसम में हवा में नमी का स्तर काफी बढ़ जाता है। यह वातावरण बैक्टीरिया, वायरस और फंगस के पनपने के लिए सबसे अनुकूल होता है। इस दौरान अत्यधिक नमी और तापमान के कारण पका हुआ भोजन जल्दी दूषित हो जाता है। ऐसा भोजन खाने से फूड पॉइजनिंग और अपच की समस्या हो सकती है। उमस के कारण शरीर का मेटाबॉलिज्म और पाचन क्रिया भी धीमी हो जाती है, जिससे भारी और तैलीय भोजन पचाने में कठिनाई होती है। उन्होंने बताया कि इस मौसम में जलजनित बीमारियों का खतरा भी सबसे अधिक रहता है। दूषित पानी पीने से दस्त, उल्टी और पेट में मरोड़ जैसी समस्याएं तेजी से फैलती हैं।

ये बरतें सावधानी
इस मौसम में बासी भोजन खाने से पूरी तरह बचें। भोजन बनने के दो घंटे के भीतर उसका सेवन कर लें। पानी हमेशा उबालकर या अच्छी तरह फिल्टर करके ही पिएं। बाहर के खुले पानी और बर्फ का सेवन करने से बचें। खानपान में खिचड़ी, दलिया, दही और छाछ जैसी हल्की चीजों को शामिल करें। मसालेदार, तैलीय और फास्ट फूड से दूरी बनाए रखें। यदि दस्त या उल्टी की शिकायत हो तो शरीर में पानी और नमक की कमी पूरी करने के लिए तुरंत ओआरएस या नींबू-पानी का सेवन शुरू करें। यदि परेशानी लगातार बनी रहे तो बिना देरी किए चिकित्सक से परामर्श लें।