{"vars":{"id": "123258:4912"}}

Kasauli Hotel High Profile Case Update: पीड़िता की पुनरीक्षण याचिका खारिज, कोर्ट ने कहा- सबूतों के बिना समन जारी करना न्यायसंगत नहीं

कसौली के होटल में कथित सामूहिक दुष्कर्म मामले में हाईकोर्ट ने पुलिस की कैंसिलेशन रिपोर्ट को सही ठहराया।
 

 हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने कसौली के एक नामी होटल में दर्ज बहुचर्चित कथित सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस द्वारा पेश की गई कैंसिलेशन (क्लोजर) रिपोर्ट को पूरी तरह सही ठहराया है। कोर्ट ने पीड़िता द्वारा दायर पुनरीक्षण याचिका को खारिज कर दिया है।

न्यायाधीश राकेश कैंथला की पीठ ने सुनवाई करते हुए स्पष्ट टिप्पणी की कि केवल शिकायतकर्ता के बयानों या हलफनामे के आधार पर किसी आरोपी को समन जारी करना न्यायसंगत नहीं है, खासकर तब जब मुख्य चश्मदीद गवाह ही शिकायत के दावों का खंडन कर रहा हो।

क्या था पूरा मामला?
दिसंबर 2024 में दर्ज हुई थी शिकायत: पीड़िता ने 13 दिसंबर 2024 को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि 3 जुलाई 2023 को कसौली के एक होटल में उसके साथ दुष्कर्म किया गया।  शिकायत में बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली और गायक रॉकी मित्तल पर पीड़िता और उसकी सहेली को नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया था। पुलिस की विस्तृत जांच के दौरान कथित घटना से जुड़े कोई भी ठोस सबूत या साक्ष्य नहीं मिले।

सबूत न मिलने के आधार पर कसौली की अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) अदालत ने पुलिस की कैंसिलेशन रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया था। निचली अदालत के इस फैसले के खिलाफ पीड़िता ने हाईकोर्ट का रुख किया था। हाईकोर्ट ने पुलिस जांच और निचली अदालत के फैसले को सही मानते हुए याचिका को खारिज कर दिया।