Hisar News: झाड़ियों में मिली नवजात बनी घर की 'शेरनी', पहले जन्मदिन पर कटा 1.5 क्विंटल का केक
हिसार के कुलेरी गांव में ममता की मिसाल: लावारिस मिली बच्ची 'किस्मत' का परिवार ने मनाया भव्य जन्मदिन। 1.5 क्विंटल केक काटकर समाज को दिया बेटियों को अपनाने का संदेश।
हिसार: गांव कुलेरी की कैलाश देवी को किस्मत ने बेटी की मां बनने का सुख नहीं दिया लेकिन उन्होंने लावारिस हालत में मिली एक नवजात बच्ची को अपनाकर उसकी जिंदगी बदल दी। आज वही बच्ची परिवार की खुशियों का केंद्र है। परिवार उसे प्यार से शेरनी कहता है, जबकि पिता की भूमिका निभा रहे सतीश डूडी ने उसका नाम किस्मत रखा है।
कैलाश देवी बताती हैं कि उनके दो बेटे हैं, लेकिन बेटी न होने की कसक हमेशा मन में रही। 5 मई 2025 को उन्हें पता चला कि अग्रोहा के पास झाड़ियों में एक नवजात बच्ची लहूलुहान हालत में मिली है, जिसे राहगीरों ने अस्पताल पहुंचाया। यह सुनते ही उनकी ममता जाग उठी। उन्होंने उसी समय बच्ची को अपनाने का फैसला कर लिया। पति सतीश डूडी ने भी उनका साथ दिया। इसके बाद बाल कल्याण समिति की औपचारिकताएं पूरी कर बच्ची को घर ले आए।
घर पहुंचने पर बच्ची का धूमधाम से स्वागत किया गया। परिवार ने उसे लक्ष्मी स्वरूप मानकर पैरों के निशान पूजा स्थल पर रखवाए और छठी से लेकर नामकरण तक सभी रस्में निभाई। 5 मई 2026 को उसके पहले जन्मदिन पर परिवार ने 1.5 क्विंटल का केक कटवाकर पूरे गांव में बांटा। सैकड़ों लोग बच्ची को आशीर्वाद देने पहुंचे। कैलाश देवी कहती हैं कि वह बेटी को पढ़ा-लिखाकर ऐसा मुकाम दिलाना चाहती हैं, जिससे वह देश का नाम रोशन करे। उनका मानना है कि बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से कम नहीं हैं।