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Haryana Sanitation Workers Protest: बातचीत से समाधान की मांग पर अड़े कर्मचारी, 25 प्रदर्शनकारी डिटेन, किसानों का मिल रहा समर्थन

हिसार में सफाई और फायर कर्मचारियों की हड़ताल 35वें दिन भी जारी। 25 कर्मचारी डिटेन, 13 सितंबर तक बढ़ाई गई हड़ताल।
 

हिसार : हिसार में सफाई कर्मचारियों और फायर ब्रिगेड कर्मचारियों की हड़ताल 35वें दिन भी जारी है। कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल को अब 13 सितंबर तक बढ़ाने का फैसला लिया है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकार के साथ बातचीत के जरिए ही इस विवाद का समाधान संभव है, लेकिन अब तक उनकी जायज मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

कर्मचारी नेताओं के अनुसार नगर निगम में एक ड्राइवर सहित तीन कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया है, जबकि 113 कर्मचारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं फायर ब्रिगेड के 14 कर्मचारियों को सस्पेंड करने और 32 कर्मचारियों को नोटिस दिए जाने की बात कही गई है। कर्मचारी नेताओं ने बताया कि आंदोलन के दौरान दो कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी जमानत कराने की प्रक्रिया चल रही है। उनका कहना है कि कर्मचारी सरकार या प्रशासन से टकराव नहीं चाहते, बल्कि बातचीत की मेज पर बैठकर समस्याओं का समाधान चाहते हैं।

25 कर्मचारी डिटेन, इनमें 17-18 महिलाएं

वहीं फायर कर्मचारी यूनियन के जिला प्रधान राजेश मेहला ने बताया कि आज करीब 25 कर्मचारियों को डिटेन किया गया। इनमें लगभग 17-18 महिलाएं और 8-10 पुरुष कर्मचारी शामिल हैं। राजेश मेहला के मुताबिक कर्मचारी बीजेपी कार्यालय के पास सफाई व्यवस्था को लेकर विरोध और नारेबाजी कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें डिटेन कर लिया और आदमपुर ले जाया गया। उन्होंने कहा कि कर्मचारी नेताओं की टीम आदमपुर जाकर डिटेन किए गए कर्मचारियों से मिलेगी।

13 मई के समझौते का पत्र जारी करने की मांग

कर्मचारी नेताओं ने सरकार से सवाल किया कि 13 मई को जिन मांगों पर समझौता हुआ था, उसका पत्र आज तक जारी क्यों नहीं किया गया? कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगें लंबे समय से लंबित हैं और सरकार को बातचीत के जरिए जल्द समाधान करना चाहिए। फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने सुरक्षा और मेडिकल सुविधाओं का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर आग बुझाने और लोगों की जान बचाने का काम करते हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। कर्मचारियों ने कम वेतन में काम करने की मजबूरी का भी मुद्दा उठाया।

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि हड़ताल के कारण शहर में सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है और इससे आमजन को भी परेशानी हो रही है। ऐसे में सरकार को जल्द बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए, ताकि कर्मचारी वापस ड्यूटी पर लौट सकें और शहर की सफाई व्यवस्था सामान्य हो सके। नगरपालिका कर्मचारी संघ के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि आज हमारी हड़ताल का 35वां दिन है और कर्मचारियों के हौसले पूरी तरह बुलंद हैं। लगातार किसान, छात्र, व्यापारी और शहर की अलग-अलग मार्केट के लोग हमारे आंदोलन को समर्थन दे रहे हैं। किसानों की ओर से पिछले चार दिन से लगातार लंगर भी चलाया जा रहा है।

हमारी साफ मांग है कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए, ठेका प्रथा बंद हो और सीधी भर्ती की जाए। जब तक हमारी ये मांगें पूरी नहीं होतीं, हमारा आंदोलन वापस नहीं होगा, चाहे सरकार कितना भी दबाव बना ले। हमारे दो साथियों को गिरफ्तार किया गया है और कर्मचारियों को सस्पेंड करने व नोटिस देने की कार्रवाई भी की जा रही है, लेकिन इससे कर्मचारी डरने वाले नहीं हैं। सरकार समय रहते बातचीत करे और समझौता करे, क्योंकि अगर शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होती रही तो बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ सकता है। हम सरकार से अपील करते हैं कि अपनी हठधर्मिता छोड़कर कर्मचारियों के साथ बातचीत करे और उनकी जायज मांगों का समाधान निकाले। अगर सरकार ने जल्द समाधान नहीं किया तो नगरपालिका कर्मचारी संघ, सर्व कर्मचारी संघ और अन्य कर्मचारी संगठन मिलकर पूरे हरियाणा में बड़े आंदोलन की रणनीति बनाएंगे। हमें किसानों, छात्रों, व्यापारियों और मीडिया का लगातार समर्थन मिल रहा है और इसी ताकत के साथ हम अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।”