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Haryana Speaker Harvinder Kalyan: साक्षरता सामाजिक विकास और सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण आधार है- हरविंद्र कल्याण

हरियाणा विधानसभा स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर दी शुभकामनाएं। शिक्षा को बताया सशक्तिकरण का आधार।
 

चंडीगढ़ : अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर हरियाणा विधानसभा के स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए साक्षरता को सामाजिक विकास और सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि साक्षरता का अर्थ केवल अक्षरों और शब्दों को पढ़ना-लिखना सीखना नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति को अपने अधिकारों, कर्तव्यों और जीवन में उपलब्ध संभावनाओं को पहचानने का अवसर प्रदान करती है।

स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने कहा कि शिक्षा और ज्ञान व्यक्ति के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ उसे अपने जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लेने में सक्षम बनाते हैं। एक शिक्षित और जागरूक नागरिक न केवल अपने अधिकारों के प्रति सजग रहता है, बल्कि अपने कर्तव्यों को भी बेहतर ढंग से समझता है। इसलिए साक्षरता को केवल शिक्षा विभाग या सरकार की जिम्मेदारी मानने के बजाय इसे पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में देखा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि आज के दौर में शिक्षा का दायरा तेजी से बढ़ रहा है। डिजिटल तकनीक, इंटरनेट और सूचना के विभिन्न माध्यमों ने ज्ञान तक पहुंच को आसान बनाया है। ऐसे में यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि समाज का कोई भी वर्ग ज्ञान और शिक्षा के अवसरों से वंचित न रहे। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों, महिलाओं और बच्चों तक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए।

हरविंद्र कल्याण ने कहा कि साक्षरता व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम है। जब व्यक्ति पढ़ने-लिखने के साथ-साथ अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक होता है, तो वह समाज और राष्ट्र के विकास में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का प्रकाश जितना व्यापक होगा, समाज में जागरूकता, समानता और अवसरों का विस्तार उतना ही अधिक होगा।

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस को केवल एक दिवस के रूप में मनाने के बजाय इसे समाज में शिक्षा और जागरूकता को बढ़ावा देने के संकल्प के अवसर के रूप में लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले और प्रत्येक वयस्क को पढ़ने-लिखने तथा अपने जीवन को बेहतर बनाने का अवसर प्राप्त हो, इसके लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना चाहिए।

स्पीकर ने कहा कि “साक्षरता केवल अक्षरों का ज्ञान नहीं, बल्कि अपने अधिकारों, कर्तव्यों और संभावनाओं को पहचानने का प्रकाश है।” उन्होंने सभी लोगों से आह्वान किया कि वे शिक्षा के महत्व को समझें और अपने आसपास के लोगों को भी पढ़ने-लिखने तथा ज्ञान अर्जित करने के लिए प्रेरित करें।

उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही ऐसा समाज बनाया जा सकता है, जहां शिक्षा और ज्ञान का प्रकाश प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचे और कोई भी व्यक्ति अशिक्षा के कारण अपने अधिकारों और अवसरों से वंचित न रहे। अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर उन्होंने सभी से शिक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण का संकल्प लेने की अपील की।