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Rohtak PGI: ब्रेन डेड जेल वार्डन कुलदीप दहिया ने किया अंगदान, 5 लोगों को दी नई जिंदगी

रोहतक सुनारिया जेल के वार्डन कुलदीप दहिया ने ब्रेन डेड होने के बाद किया अंगदान। दिल्ली एम्स तक बना ग्रीन कॉरिडोर, लिवर और किडनी से 5 लोगों को मिला नया जीवन।

 

रोहतक: सुनारिया जेल के वार्डन कुलदीप दहिया जाते-जाते खाकी वर्दी का अंतिम फर्ज निभा गए। ब्रेन डेड मरीज ने अंगदान कर पांच लोगों को नया जीवन प्रदान किया। अंगदान के लिए सोमवार तड़के चार बजे ऑपरेशन शुरू हुआ। रोहतक से दिल्ली एम्स व आईएलबीएस अस्पताल तक ग्रीन कॉरिडोर बनाकर किडनी और लिवर सुरक्षित पहुंचाए गए।

सोनीपत के ताजपुर तिहाड़ा खुर्द गांव निवासी जेल वार्डन कुलदीप पिछले कई दिनों से ब्रेन ट्यूमर के चलते पीजीआई में भर्ती थे। यहां इलाज के दौरान रविवार को उनकी मौत हो गई थी। कुलदीप के ब्रेन डेड शरीर को तड़के चार बजे पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर स्थित ऑपरेशन थिएटर ले जाया गया। यहां वार्डन के लिवर, दोनों किडनी, पेंक्रियाज और दोनों कॉर्निया परिजनों ने दान किए।

ग्रीन कॉरिडोर बनाकर किडनी और लिवर दिल्ली तो एक किडनी और कॉर्निया यहीं पीजीआई में जरूरतमंद मरीजों को लगाए गए। अंगों को सुरक्षित समय पर पहुंचाने के लिए पुलिस का भी सहयोग रहा। पीजीआई के ट्रॉमा सेंटर में जेल वार्डन का पार्थिव शरीर एंबुलेंस में रखने के साथ ही पुलिस के 22 जवानों और पीजीआई के 21 गार्डों ने सेल्यूट किया। इस दौरान उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। उधर, जेल वार्डन कुलदीप का सोमवार शाम पैतृक गांव ताजपुर तिहाड़ा खुर्द में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। बेटे पारुल ने उन्हें मुखाग्नि दी। पीजीआई पहुंचकर सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने बहादुर सिपाही को श्रद्धांजलि अर्पित की। पिछले पांच दिन में पीजीआई में अंगदान का यह दूसरा मामला है। 9 अप्रैल को भिवानी निवासी ब्रेन डेड बिजेंद्र के परिजनों ने उनके अंगदान किए थे।  

चचेरे भाई सतबीर दहिया ने बताया कि कुलदीप को ब्रेन ट्यूमर बताया था। उनके इलाज पर काफी रुपये खर्च हुए, कर्ज लेना पड़ा। विभाग की ओर से कोई मदद नहीं की गई। ऐसे में उनके बच्चों की मदद के लिए उनके बिलों का भुगतान किया जाए। डॉक्टरों ने स्थिति स्पष्ट करते हुए परिवार को अंगदान के लिए प्रेरित किया। काउंसिलिंग के बाद परिवार ने ब्रेन ट्यूमर मरीज के अंगदान कर दिए। इन्हें दिल्ली एम्स व आईएलबीएस अस्पताल भेजा गया है।