जींद बस स्टैंड मामला: किसानों के मुआवजे के लिए हरियाणा रोडवेज का खाता कुर्क, 140 करोड़ अटैच
जींद की अदालत ने किसानों को बढ़ा हुआ मुआवजा न देने पर हरियाणा रोडवेज के 140 करोड़ रुपये कुर्क करने के आदेश दिए हैं। जानें क्या है पांडू पिंडारा जमीन अधिग्रहण का पूरा मामला।
जींद: नए बस स्टैंड के लिए जमीन देने वाले किसानों के हक में अदालत ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश जयबीर सिंह की अदालत ने हरियाणा रोडवेज के खाते में जमा 140 करोड़ रुपये की राशि को अटैच (कुर्क) करने के आदेश जारी किए हैं। यह कार्रवाई परिवहन विभाग द्वारा किसानों को उनकी बढ़ी हुई मुआवजा राशि न देने के चलते की गई है।
क्या है पूरा मामला?
शहर से बाहर बस स्टैंड बनाने के लिए पांडू पिंडारा गांव में किसानों की लगभग 12 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया गया था। साल 2016 में सरकार ने कलेक्टर रेट के आधार पर मुआवजा देने का अवार्ड सुनाया था। हालांकि, जमीन मालिक किसान इस राशि से संतुष्ट नहीं थे क्योंकि उनका दावा था कि बाजार भाव (मार्केट रेट) सरकारी दर से कहीं अधिक है।
कानूनी लड़ाई और अदालत का फैसला
मुआवजे से असंतुष्ट 20 किसानों ने नए कानून के तहत जिला अदालत में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं के वकील ओपी बंसल ने बताया कि पिछले साल अगस्त में अदालत ने किसानों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए मुआवजा राशि बढ़ाने के आदेश दिए थे। परिवहन विभाग को यह बढ़ी हुई राशि किसानों को सौंपनी थी, लेकिन विभाग ने इसमें देरी की। किसानों की बढ़ी हुई मुआवजा राशि अब 120 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है।
अदालती आदेशों की अवहेलना और भुगतान में देरी को देखते हुए एडीजे जयबीर सिंह की अदालत ने सख्त रुख अपनाया। कोर्ट ने रोडवेज के खाते में मौजूद 140 करोड़ रुपये की राशि को अटैच करने का आदेश दिया ताकि किसानों के बकाया 120 करोड़ रुपये की भरपाई सुनिश्चित की जा सके।