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Haryana Land Controversy: 10 एकड़ जमीन के दस्तावेजों में हेराफेरी का आरोप, जींद की पूर्व रानी पर FIR दर्ज

जींद रियासत की रानी इंद्रजीत कौर और उनकी पुत्रवधू पर 10 एकड़ जमीन के दस्तावेजों से छेड़छाड़ करने के आरोप में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।

 

जींद रियासत की रानी इंद्रजीत कौर और उनकी पुत्रवधू हरसिमरन कौर भूमि विवाद से जुड़े धोखाधड़ी के मामले में फंस गई हैं। दिल्ली हाईकोर्ट के वकील अभिमन्यु चौधरी की शिकायत पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। इस मामले में रानी और उनकी पुत्रवधू के अलावा नगर परिषद के सचिव, पटवारी और एक ठेकेदार को भी नामजद किया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अपोलो रोड पर स्थित उनकी 10 एकड़ जमीन को हड़पने की नीयत से नगर परिषद अधिकारियों की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और दो बार रजिस्ट्री कराने का प्रयास भी किया गया।

💻 डिजिटल लैंड रिकॉर्ड में गड़बड़ी का आरोप: 50 कनाल जमीन को कागजों में घटाकर किया 18 कनाल

शिकायतकर्ता वकील अभिमन्यु ने बताया कि उनके दादा बलदेव सिंह ने साल 1965 में 50 कनाल 2 मरला का फार्म हाउस खरीदा था। हाल ही में जब उन्होंने हरियाणा सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर प्रॉपर्टी आईडी और डिजिटल मैप की जांच की, तो पाया कि उनके असली खसरा नंबर 65/58 की जगह जबरन 65/13 दर्ज कर दिया गया था। इसके साथ ही उनकी जमीन का रकबा 50 कनाल से घटाकर महज 18 कनाल 15 मरला दर्शाया गया और जमीन की लोकेशन भी बदल दी गई, जिसके बाद उन्होंने कानूनी रास्ता अपनाया।

🗣️ रानी इंद्रजीत कौर की सफाई: बोलीं- 'यह सिर्फ एक तकनीकी गलती थी, आरोप पूरी तरह झूठे हैं'

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए रानी इंद्रजीत कौर (65) ने सभी आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि साथ लगती जमीनों के खसरा नंबर अलग-अलग हैं। सैटेलाइट मैपिंग के दौरान सिस्टम ने गलती से शिकायतकर्ता की प्रॉपर्टी की लोकेशन उठा ली थी, जिसे प्रशासनिक स्तर पर ठीक कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उपायुक्त (DC) ने जमीन की दोबारा पैमाइश होने तक स्थिति यथावत रखने के आदेश दिए हैं और यह केवल एक तकनीकी खराबी थी, न कि कोई साजिश। वहीं, थाना शहर प्रभारी इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार ने पुष्टि की है कि केस दर्ज कर पुलिस निष्पक्ष जांच कर रही है।