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Kaithal News: मनरेगा मजदूरों की KYC में लापरवाही पर कैथल में 5 ग्राम सचिव सस्पेंड; CEO सुरेश राविश की बड़ी कार्रवाई, 31 मार्च तक का अल्टीमेटम

कैथल जिले में मनरेगा मजदूरों की KYC प्रक्रिया पूरी न करने पर 5 ग्राम सचिवों को निलंबित कर दिया गया है। CEO सुरेश राविश ने ड्यूटी में लापरवाही के चलते कैथल, ढांड और कलायत ब्लॉक के सचिवों पर यह गाज गिराई है। जानें NMMS ऐप और नई डेडलाइन के बारे में।

 

कैथल : मनरेगा मजदूरों की के. वाई. सी. न करने पर कैथल जिले के 5 ग्राम सचिवों को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुरेश राविश द्वारा की गई है। निलंबित किए गए ग्राम सचिवों में कैथल ब्लॉक के 2, ढांड ब्लॉक के 2 और कलायत ब्लॉक का 1 ग्राम सचिव शामिल है। सी.ई.ओ. के अनुसार संबंधित ग्राम सचिवों द्वारा अपने-अपने गांवों में राष्ट्रीय मनरेगा मॉनीटरिंग सिस्टम (एन.एम.एम.एस.) एप के माध्यम से मजदूरों की के.वाई.सी. का कार्य निर्धारित समय तक पूरा नहीं किया गया था, जिसे ड्यूटी में लापरवाही माना गया।

सरकार द्वारा मनरेगा योजना में पारदर्शिता बनाए रखने और फर्जीवाड़े को रोकने के उद्देश्य से मजदूरों  की के. वाई.सी. प्रक्रिया अनिवार्य की गई है। इसके लिए सभी ग्राम सचिवों को पहले 15 मार्च तक अपने-अपने क्षेत्र में कार्यरत मनरेगा मजदूरों की के. वाई.सी. पूरी करने के निर्देश दिए गए थे लेकिन जिन ग्राम पंचायतों में के. वाई.सी. की प्रगति बेहद धीमी पाई गई और तय समय-सीमा तक कार्य पूरा नहीं किया ग्राम सचिवों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सी.ई.ओ. सुरेश राविश का कहना है कि मनरेगा मजदूरों की के.वाई.सी. एन.एम.एम.एस. एप के माध्यम से करवाई जा रही है। जिन ग्राम पंचायतों में यह कार्य तय समय तक पूरा नहीं किया गया उनमें से 5 ग्राम सचिवों को निलंबित किया गया है। सभी ग्राम सचिवों को 31 मार्च तक  निर्देश दिए गए हैं।