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Kaithal Police News: कैथल में बड़ा एक्शन! नशा जागरूकता टीम के हेड कांस्टेबल सुनील संधू बर्खास्त, DSP पर लगाए थे गंभीर आरोप

कैथल पुलिस विभाग में हड़कंप! DSP के खिलाफ सोशल मीडिया पर मोर्चा खोलने वाले हेड कांस्टेबल सुनील संधू को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। SP उपासना की इस सख्त कार्रवाई के बाद विभाग में खलबली, जानें क्या था पूरा मामला और क्यों उठी निष्पक्ष जांच की मांग।

 

कैथल: कैथल पुलिस विभाग में चल रहे डीएसपी और हेड कांस्टेबल के विवाद ने अब बड़ा प्रशासनिक मोड़ ले लिया है। पहले जहां एसपी उपासना ने नशा जागरूकता टीम के सदस्य हेड कांस्टेबल सुनील संधू सहित पूरी टीम को अनुशासनहीनता के आरोप में लाइन हाजिर किया था। वहीं अब विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए सुनील संधू को सेवा से बर्खास्त कर दिया है।

पुलिस विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार विभागीय नियमों के उल्लंघन को गंभीर मानते हुए यह निर्णय लिया गया। पुलिस प्रवक्ता प्रवीण कुमार ने कार्रवाई की पुष्टि की है। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले हेड कांस्टेबल सुनील संधू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कलायत के डीएसपी पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि उन्हें झूठे नशा मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है। पोस्ट वायरल होने के बाद मामला विभागीय स्तर पर तूल पकड़ गया था।

इसके बाद एसपी ने जांच की जिम्मेदारी गुहला के डीएसपी को सौंपी थी। जांच अधिकारी द्वारा दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा चुके थे, हालांकि जांच प्रक्रिया अभी पूर्ण नहीं हुई थी। इसी बीच पहले पूरी नशा जागरूकता टीम को लाइन हाजिर किया गया और अब अंतिम निर्णय के रूप में सुनील संधू को बर्खास्त कर दिया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ सार्वजनिक रूप से सोशल मीडिया पर आरोप लगाना आचार संहिता का उल्लंघन माना गया है। कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग उनके समर्थन में सामने आ रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। फिलहाल पुलिस विभाग में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज है और आगे की कानूनी व विभागीय प्रक्रिया पर सभी की नजर टिकी हुई है।

कई वर्षों से सामाजिक अभियानों में सक्रिय रहे हैं सुनील संधू

हेड कांस्टेबल सुनील संधू पिछले करीब डेढ़ दशक से नशा मुक्ति अभियान, पौधारोपण और ‘हर घर तिरंगा’ जैसे सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। पुलिस विभाग की नशा जागरूकता टीम में भी वह लंबे समय से कार्यरत रहे हैं। सोशल मीडिया पर नशा रोकथाम को लेकर उनके प्रयासों की सराहना होती रही है और क्षेत्र में उनकी छवि एक सक्रिय व सामाजिक सरोकारों से जुड़े पुलिसकर्मी की रही है।