Tipra 200 Bed Hospital Project: टीपरा अस्पताल और पिंजौर पॉलीक्लिनिक के निर्माण में देरी पर उठा सवाल, सरकार से जल्द पूरा करने की मांग
चंडीगढ़ : कालका विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से जुड़ी लंबित परियोजनाओं को जल्द गति देने की जरूरत को लेकर शिवालिक विकास मंच के प्रदेश अध्यक्ष एवं हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव विजय बंसल एडवोकेट ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का ध्यान आकर्षित किया है। बंसल ने कहा कि सरकार द्वारा विभिन्न अवसरों पर स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में घोषणाएं की गई हैं, ऐसे में अब इन परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने से क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है।
विजय बंसल ने विशेष रूप से टीपरा में प्रस्तावित 200 बेड के अस्पताल का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना को लेकर मुख्यमंत्री को कई बार ज्ञापन दिए जा चुके हैं। उनके अनुसार स्वास्थ्य विभाग द्वारा अस्पताल की जमीन के लिए नगर परिषद कालका को करीब 17 करोड़ रुपये की राशि जमा करवाई जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद जमीन के आवंटन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। बंसल ने सरकार से इस मामले की समीक्षा कर आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि कालका-पिंजौर क्षेत्र की आबादी और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य जरूरतों को देखते हुए बड़े अस्पताल की सुविधा स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। अस्पताल बनने से गंभीर मरीजों को उपचार के लिए पंचकूला या चंडीगढ़ ले जाने की आवश्यकता कम हो सकती है और स्थानीय स्तर पर चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार होगा।
पिंजौर पॉलीक्लिनिक पर भी समयबद्ध काम की जरूरत
विजय बंसल ने पिंजौर अर्बन पॉलीक्लिनिक अस्पताल भवन का निर्माण कार्य भी जल्द पूरा करवाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि पिंजौर शहर और इसके आसपास के क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग लंबे समय से रही है। इसी जरूरत को देखते हुए पुराने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड कर पॉलीक्लिनिक अस्पताल भवन बनाने की योजना शुरू की गई थी। बंसल के अनुसार निर्माण कार्य लंबे समय से धीमा है और करीब पांच वर्षों से परियोजना अपेक्षित गति से आगे नहीं बढ़ सकी है। उन्होंने बताया कि इसी संबंध में उन्होंने 19 मई 2025 को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री आरती राव को ज्ञापन भी भेजा था। उनका कहना है कि सरकार इस परियोजना की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कर निर्माण को निर्धारित समयसीमा में पूरा करवाए तो क्षेत्र के लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।
सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए अहम है स्वास्थ्य ढांचा
विजय बंसल ने पिंजौर की भौगोलिक स्थिति और यहां से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों का उल्लेख करते हुए कहा कि पिंजौर से शिमला तथा पिंजौर से नालागढ़ की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है। ऐसे में दुर्घटनाओं और अन्य आपात स्थितियों में तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में गंभीर मरीजों को कई बार पंचकूला या चंडीगढ़ रेफर करना पड़ता है। स्थानीय स्तर पर पर्याप्त आपात चिकित्सा सुविधाएं और ट्रॉमा केयर उपलब्ध होने से ऐसे मामलों में उपचार शुरू करने में लगने वाला समय कम किया जा सकता है।
गांव चिक्कन और रायतन क्षेत्र का भी मामला
बंसल ने पिंजौर ब्लॉक के गांव चिक्कन में प्रस्तावित स्वास्थ्य केंद्र का विषय भी उठाया। उनके अनुसार मुख्यमंत्री घोषणा के बावजूद यह परियोजना आगे नहीं बढ़ पाई। उन्होंने बताया कि पंचायत की ओर से उपलब्ध कराई गई जमीन को बरसाती नाले की जमीन बताए जाने के बाद प्रस्ताव रद्द कर दिया गया। उन्होंने कहा कि रायतन क्षेत्र में करीब 100 गांवों की आबादी की स्वास्थ्य जरूरतों को देखते हुए उपयुक्त भूमि चिन्हित कर स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने की दिशा में सरकार को वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार करना चाहिए।
मोरनी के सात हेल्थ सब-सेंटर भी प्रतीक्षारत
विजय बंसल ने मोरनी में प्रस्तावित सात हेल्थ सब-सेंटरों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पहाड़ी क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच भौगोलिक परिस्थितियों के कारण पहले ही चुनौतीपूर्ण रहती है। ऐसे में छोटे स्वास्थ्य केंद्रों का स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होना ग्रामीण आबादी के लिए विशेष महत्व रखता है। उन्होंने सरकार से इन परियोजनाओं की स्थिति की समीक्षा कर जहां प्रशासनिक या तकनीकी अड़चनें हैं, उन्हें दूर करने का आग्रह किया।
नर्सिंग कॉलेज में कक्षाएं शुरू होने का इंतजार
बंसल ने कालका के गांव खेड़ा वाली में करीब 40 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित लड़कियों के नर्सिंग कॉलेज का मामला भी उठाया। उन्होंने बताया कि अक्टूबर 2025 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा इसका वर्चुअल उद्घाटन किया गया था, लेकिन उनके अनुसार अभी तक यहां बीएससी नर्सिंग की कक्षाएं शुरू नहीं हो सकी हैं। उन्होंने कहा कि यदि कॉलेज में आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति और अन्य औपचारिकताएं पूरी कर शैक्षणिक गतिविधियां शुरू की जाएं तो इससे क्षेत्र की बेटियों को नर्सिंग शिक्षा का स्थानीय अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि यहां नीट के माध्यम से बीएससी नर्सिंग में प्रवेश की योजना है।
घोषणाओं के साथ क्रियान्वयन की समयसीमा भी तय हो : बंसल
विजय बंसल एडवोकेट ने कहा कि उनका उद्देश्य सरकार की योजनाओं का विरोध करना नहीं, बल्कि जनहित से जुड़ी परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करवाने के लिए ध्यान आकर्षित करना है। उन्होंने कहा कि कालका क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की कई महत्वपूर्ण योजनाएं हैं और यदि इनकी नियमित समीक्षा तथा समयसीमा तय कर दी जाए तो लोगों को इसका लाभ जल्दी मिल सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि टीपरा के 200 बेड अस्पताल, पिंजौर पॉलीक्लिनिक, चिक्कन स्वास्थ्य केंद्र, रायतन क्षेत्र और मोरनी के हेल्थ सब-सेंटरों तथा खेड़ा वाली नर्सिंग कॉलेज की वर्तमान स्थिति की उच्चस्तरीय समीक्षा कर संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएं। बंसल ने कहा कि कालका-पिंजौर क्षेत्र की बढ़ती आबादी, आसपास के ग्रामीण इलाकों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात को देखते हुए मजबूत स्वास्थ्य ढांचा समय की जरूरत है। लंबित परियोजनाओं को गति मिलने से न केवल कालका विधानसभा क्षेत्र बल्कि आसपास के ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों की आबादी को भी बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।