Shaheed Gajendra Singh Women College: जमीन ट्रांसफर न होने से अटका कॉलेज भवन का निर्माण, सीएम की घोषणा के बाद जगी उम्मीद
खरक कलां। गांव खरक कलां में शहीद गजेंद्र सिंह महिला कॉलेज का संचालन फिलहाल पिछले तीन सालों से राजकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय के केवल पांच कमरों में किया जा रहा है। महिला कॉलेज में करीब 300 ग्रामीण छात्राएं स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं।
छात्राओं की संख्या के मुकाबले कमरों की संख्या बेहद कम होने के कारण कॉलेज प्रबंधन और विद्यार्थियों के सामने जगह की समस्या बनी हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक, महिला कॉलेज के लिए ग्राम पंचायत की ओर से लड़कों के राजकीय स्कूल की जमीन में करीब 10 एकड़ भूमि उपलब्ध करवाई जा चुकी है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत की ओर से जमीन दिए जाने के बावजूद अभी तक सरकार की ओर से भूमि महिला कॉलेज के नाम नहीं की गई है। इसी प्रक्रिया के लंबित रहने के कारण कॉलेज की नई बिल्डिंग का निर्माण कार्य भी शुरू नहीं हो पा रहा है।
कई बार लगा चुके हैं सरकारी कार्यालयों के चक्कर
महिला कॉलेज भवन के निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीण कई बार संबंधित विभागों और सरकारी कार्यालयों में अधिकारियों से मुलाकात कर चुके हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि हर बार उन्हें जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया जाता है लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी जमीन कॉलेज के नाम नहीं हो पाई है। बवानीखेड़ा की विकास संकल्प रैली में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने महिला कॉलेज भवन की घोषणा की है। जिसके बाद थोड़ी उम्मीद जगी है।
हरियाणा सरकार से मांग करते हैं कि जल्द से जल्द महिला महाविद्यालय का नया भवन का निर्माण किया जाए ताकि बेटियों को सुरक्षित माहौल में शिक्षा ग्रहण करने का अवसर मिले। यहां ज्यादातर गांव की वे बेटियां हैं जिनके परिवार उन्हें पढ़ाई के लिए बाहर नहीं भेजना चाहते हैं।
महिला कॉलेज की व्यवस्था के लिए हम कई बार स्थानीय विधायक और विभाग के मंत्री से मिल चुके हैं। उन्होंने नई बिल्डिंग का निर्माण के लिए हर बार हमें आश्वासन देने का काम किया है। मुख्यमंत्री ने बवानीखेड़ा रैली के मंच से महिला कॉलेज भवन निर्माण की घोषणा की है। इससे ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को थोड़ी उम्मीद बंधी है।
गांव की बेटियों की शिक्षा के लिए समय-समय पर जागरूक करने का काम करते रहते हैं। हमारी मांग है कि महिला कॉलेज का भवन जल्द बनाया जाए। इस मांग को लेकर उपायुक्त से विधायक तक मुलाकात कर चुके हैं। जल्द काम शुरू कराने का आश्वासन ही मिला है। उच्चतर शिक्षा विभाग में अब तक ग्राम पंचायत से भूमि उच्चतर शिक्षा विभाग के नाम स्थानांतरित नहीं हुई है।
महिला कॉलेज निर्माण के बारे में उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से जिस भी दस्तावेज की ग्राम पंचायत से मांग की गई वे सभी उपलब्ध कराए गए हैं। हमारी सरकार से मांग है इस कार्य को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। ग्राम पंचायत ने दस एकड़ भूमि दी है जबकि तीन साल से बेटियों की कक्षाएं पांच कमरों में लग रही हैं। यहां न तो लैब की सुविधा है ना अन्य कोई सुविधाएं। कॉलेज भवन निर्माण के बाद ही यहां बेटियों को बेहतर शिक्षा का माहौल मिलेगा।
ग्राम पंचायत की भूमि का प्रस्ताव उपायुक्त के माध्यम से उच्चतर शिक्षा विभाग की ओर से भूमि स्थानांतरण के लिए राजस्व विभाग के समक्ष भेजा हुआ है। इस पर अभी प्रक्रिया जारी है। जैसे ही भूमि का स्थानांतरण होगा। इसके बाद महिला कॉलेज भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।