Kurukshetra Super 100: सुपर 100 अकादमी से भागीं 3 छात्राएं, अभिभावकों का गंभीर आरोप
कुरुक्षेत्र: बारना गांव स्थित सुपर 100 अकादमी से तीन छात्राओं के भागने का मामला सामने आया है. जिसके बाद अकादमी प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. हालांकि तीनों छात्राएं सुरक्षित अपने घर पहुंच गईं, लेकिन घटना ने कैंपस में बच्चों की सुरक्षा, मानसिक स्थिति और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है.
अभिभावकों का हंगामा: यमुनानगर, जींद और फतेहाबाद से पहुंचे अभिभावकों ने अकादमी प्रशासन के खिलाफ रोष जताते हुए आरोप लगाया कि उन्हें अपने बच्चों से ना तो मिलने दिया जा रहा था और ना ही फोन पर बात करने दी जा रही थी. अभिभावकों का कहना है कि बच्चों पर मानसिक और शारीरिक दबाव डाला जा रहा है, जिसके चलते वे भय और तनाव में हैं.
सुपर 100 अकादमी पर सवाल: भागी हुई एक छात्रा की सहेली ने अपनी मां को फोन कर बताया कि उसकी दोस्त अकादमी में नहीं रहना चाहती. परिजनों ने बताया कि उन्होंने बच्चों को बेहतर शिक्षा और भविष्य संवारने के लिए इतनी दूर भेजा था, लेकिन यहां का माहौल बच्चों के लिए प्रतिकूल साबित हो रहा है.
बच्चों ने अभिभावकों से की शिकायत: अभिभावकों ने कहा कि "सुपर 100 का एंट्रेंस एग्जाम बेहद कठिन था और बच्चों ने मेहनत कर दाखिला हासिल किया था. बच्चों को पढ़ाई के लिए भेजा गया था, मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना सहने के लिए नहीं. 18 तारीख को पहले कैंप से भागी एक छात्रा ने फोन कर जानकारी दी थी कि उनकी बेटी अक्सर रोती रहती है. उस समय उन्होंने इसे बच्चों की शरारत समझकर नजरअंदाज कर दिया, लेकिन बीती रात दो और छात्राओं के भागने के बाद मामला गंभीर हो गया."
छात्राओं के लिखित नोट से मामला गर्माया: अभिभावकों ने कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए. उनका कहना है कि आखिर तीन छात्राएं कैंप से कैसे निकल गईं. एक अभिभावक ने कहा कि "यहां के माहौल से बेहतर तो बच्चे घर रहकर पढ़ लें." मामले में एक छात्रा जीवन ज्योत की सहेली द्वारा लिखे गए कथित नोट की भी चर्चा रही, जिसमें साथ पढ़ने वाले बच्चों के नाम के आगे “मौत” जैसे शब्द लिखे होने की बात कही जा रही है. अभिभावकों ने इसे बच्चों की मानसिक स्थिति से जोड़ते हुए गंभीर चिंता जताई.
मामले की जांच जारी: इस मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक ने कहा कि "उनके पास अभिभावकों की और से कोई लिखित शिकायत नहीं पहुंची थी. मीडिया के माध्यम से जानकारी मिली, जिसके बाद तुरंत अधिकारियों को कैंप भेजकर स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए गए. कैंपस निदेशक से बातचीत में सब कुछ सामान्य होने की बात कही गई है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए जांच करवाई जा रही है. अभिभावकों की मांग पर बच्चों को उनके सुपुर्द कर दिया गया है. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें तीन छात्राओं के कैंप से भागने की आधिकारिक जानकारी नहीं थी, लेकिन हर समस्या का समाधान करने का प्रयास किया जाएगा."