मनीषा मित्तल मर्डर केस: भाई निकला मास्टरमाइंड, प्रॉपर्टी के लिए कराई हत्या
मनीषा मित्तल हत्याकांड में शिमला पुलिस का बड़ा खुलासा। प्रॉपर्टी विवाद के चलते छोटे भाई हिमांक मित्तल ने ही रची थी हत्या की साजिश। शूटर गिरफ्तार, जांच जारी।
रोहतक: शिमला के सरस्वती पैराडाइज स्कूल की संचालिका एवं रोहतक निवासी मनीषा मित्तल की हत्या के मामले में शिमला पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए मृतका के छोटे भाई हिमांक मित्तल को साजिश का मास्टरमाइंड बताया है। पुलिस अनुसार हिमांक ने अपने दोस्त गोविंद के साथ मिलकर प्रॉपर्टी विवाद के चलते हत्या की पूरी योजना बनाई और शूटरों के माध्यम से वारदात को अंजाम दिलवाया। गौरतलब है कि 13 जून को शिमला स्थित सरस्वती पैराडाइज स्कूल परिसर में मनीषा मित्तल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
मामले की जांच दौरान पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले दोनों शूटर आशीष और दीपक को रोहतक के गांव सुनारियां खुर्द तथा झज्जर के गांव दुजाना से गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों से पूछताछ में हत्या की साजिश के पीछे हिमांक मित्तल और उसके दोस्त गोविंद की भूमिका सामने आई।
पुलिस के मुताबिक स्वास्थ्य संबंधी कारणों के चलते हिमांक मित्तल को 28 जून को रोहतक में होम अरैस्ट किया गया है और जल्द उसे शिमला ले जाकर पूछताछ की जाएगी। वहीं गोविंद को गिरफ्तार कर शिमला लाया गया है जहां अदालत ने उसे 4 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। जांच में यह भी सामने आया कि हिमांक के पास सरस्वती पैराडाइज स्कूल के सी.सी.टी.वी. कैमरों का एक्सैस था। वह कैमरों के जरिए मनीषा मित्तल की गतिविधियों पर नजर रखता था। बाद में यही जानकारी गोविंद के माध्यम से शूटरों तक
पुलिस ने बताया कि हत्या से पहले हिमांक ने गोविंद के खाते में करीब 8.50 लाख रुपए ट्रांसफर किए थे। गोविंद ने वारदात में इस्तेमाल की गई कार की व्यवस्था करने के साथ-साथ शूटरों को आर्थिक मदद भी पहुंचाई। शूटरों के खातों में करीब 20 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए जबकि लगभग 50 हजार रुपए नकद दिए गए। वारदात से 2 दिन पहले गोविंद विदेश चला गया था और लौटने के बाद उसने अपना मोबाइल बंद कर छिपने का प्रयास किया।
शिमला के ए. एस. पी. मेहर पंवार ने बताया कि गोविंद से पुलिस रिमांड दौरान हत्या की साजिश से जुड़े सभी पहलुओं पर पूछताछ की जा रही है। वहीं हिमांक को भी जल्द शिमला लाकर आमने-सामने पूछताछ की जाएगी। पुलिस का कहना है कि मामले में जुटाए गए तकनीकी और वित्तीय साक्ष्य साजिश की पुष्टि करते हैं तथा जांच अभी जारी है।