{"vars":{"id": "123258:4912"}}

Gurgaon Municipal Corporation News: स्वच्छता शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एमसीजी का बड़ा कदम, एसएनए को सौंपी जिम्मेदारी

गुरुग्राम नगर निगम ने शहर की सफाई व्यवस्था को सुधारने के लिए सभी 36 वार्डों में सैनिटेशन नोडल असिस्टेंट (SNA) नियुक्त किए।
 

गुड़गांव : नगर निगम गुरुग्राम ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था को दुरुस्त बनाने तथा सफाई संबंधी शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए सभी 36 वार्डों में सहायक सफाई निरीक्षको को सैनिटेशन नोडल असिस्टेंट (एसएनए) नियुक्त किया गया है। इस संबंध में निगमायुक्त द्वारा आदेश जारी किया गया है।

आदेश के अनुसार, वार्डवार नियुक्त किए गए सैनिटेशन नोडल असिस्टेंट अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण, स्वच्छता कार्यों की निगरानी और सफाई संबंधी कमियों के त्वरित समाधान के लिए जिम्मेदार होंगे। इसका उद्देश्य फील्ड स्तर पर स्वच्छता व्यवस्था की लगातार मॉनिटरिंग करते हुए नागरिकों को बेहतर सफाई व्यवस्था उपलब्ध कराना है।

जीवीपी से लेकर डोर-टू-डोर कूड़ा उठान तक होगी निगरानी

एसएनए द्वारा अपने संबंधित वार्डों में विशेष रूप से सफाई संबंधी कार्यों की नियमित निगरानी की जाएगी। इनमें गार्बेज वर्नेबल पॉइंट्स (जीवीपी) से कूड़े की हटाना, डोर-टू-डोर कूड़ा उठान एवं संबंधित स्वच्छता सेवाओं की निगरानी, सड़कों, गलियों एवं सार्वजनिक स्थानों की सफाई सुनिश्चित करना तथा वार्ड में सामने आने वाले अन्य स्वच्छता संबंधी मुद्दों, शिकायतों एवं कमियों पर कार्रवाई करवाना शामिल है। 

फील्ड निरीक्षण की रिपोर्ट एमसीजी इंस्पेक्शन ऐप पर होगी दर्ज

नियुक्त सैनिटेशन नोडल असिस्टेंट को अपने वार्ड में नियमित फील्ड निरीक्षण करना होगा। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली स्वच्छता संबंधी कमियों को संबंधित फील्ड स्टाफ अथवा एजेंसी के संज्ञान में लाकर उनका समाधान सुनिश्चित कराया जाएगा। आदेश के अनुसार, सभी फील्ड निरीक्षण एमसीजी इंस्पेक्शन ऐप पर अनिवार्य रूप से दर्ज किए जाएंगे। इसमें निरीक्षण का विवरण, सामने आई कमियां और की गई कार्रवाई को रिकॉर्ड किया जाएगा।

शिकायतों की समयबद्ध निगरानी और समाधान

एसएनए विभिन्न माध्यमों से प्राप्त स्वच्छता संबंधी शिकायतों की भी नियमित निगरानी करेंगे। इसके अलावा अधिकारियों, आरडब्ल्यूए, नागरिक प्रतिनिधियों तथा अन्य वैध माध्यमों से प्राप्त शिकायतों पर भी कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। जीवीपी, डोर-टू-डोर कूड़ा उठान, सड़क सफाई और अन्य स्वच्छता संबंधी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर हल करवाने के निर्देश दिए गए हैं। गंभीर, बार-बार सामने आने वाली अथवा लंबित शिकायतों को संबंधित संयुक्त आयुक्त के संज्ञान में लाने की व्यवस्था भी की गई है।

रोजाना रिपोर्टिंग होगी अनिवार्य

आदेश में एसएनए के लिए दैनिक रिपोर्टिंग व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। गंभीर स्वच्छता समस्या, जिसके लिए तत्काल हस्तक्षेप जरूरी हो, उसे निर्धारित दैनिक रिपोर्ट का इंतजार किए बिना उच्च अधिकारियों के संज्ञान में लाना होगा। साथ ही, केवल शिकायत का निस्तारण कर देना पर्याप्त नहीं माना जाएगा। फील्ड निरीक्षण में चिन्हित कमियों पर वास्तविक समाधान होने तक फॉलो-अप करना होगा और उसके बाद ही मामले को रिजॉल्व के रूप में दर्ज किया जाएगा।

फील्ड मॉनिटरिंग को बनाया जाएगा और प्रभावी

निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था में सुधार के लिए फील्ड स्तर पर नियमित निगरानी और जवाबदेही बेहद जरूरी है। वार्डवार सैनिटेशन नोडल असिस्टेंट की नियुक्ति से सफाई व्यवस्था की कमियों की पहचान, शिकायतों की निगरानी और उनके समयबद्ध समाधान को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि गंभीर अथवा बार-बार सामने आने वाली स्वच्छता समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा फील्ड में चिन्हित कमियों का वास्तविक समाधान होने तक संबंधित अधिकारी उसका फॉलो-अप करते रहें।