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Haryana Journalist Welfare Insurance Scheme: पत्रकारों और उनके परिवारों के लिए एमडब्ल्यूबी का बड़ा कदम, 10-10 लाख का मुफ्त बीमा और पेंशन की मांग

मीडिया वेल-बिइंग एसोसिएशन 21 अगस्त को जगाधरी में पत्रकारों को 10-10 लाख का फ्री इंश्योरेंस और 33 लाख तक का कैशलेस हेल्थ बीमा देगी।
 

चंडीगढ़ : मीडिया वेल-बिइंग एसोसिएशन (रजिस्टर्ड) की ओर से पत्रकारों और उनके परिवारों की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। संस्था की ओर से 21 अगस्त को यमुनानगर के जगाधरी रेस्ट हाउस में पत्रकारों को नि:शुल्क दुर्घटना बीमा, टर्म इंश्योरेंस और कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियां प्रदान की जाएंगी। कार्यक्रम में पत्रकारों को 10-10 लाख रुपये की एक्सीडेंटल तथा टर्म इंश्योरेंस और 33-33 लाख रुपये तक की सपरिवार कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

संस्था के महासचिव डॉ. सुरेंद्र मेहता ने बताया कि कार्यक्रम के मुख्यातिथि हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी) के कार्यवाहक चेयरमैन मुकेश गर्ग होंगे, जबकि मुख्यमंत्री के ग्रीवेंसिस सेल के एडवाइजर भोपाल सिंह खदरी कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के लिए बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराना एमडब्ल्यूबी के प्रमुख कल्याणकारी अभियानों में शामिल है।

पांच वर्षों से पत्रकार कल्याण के लिए सक्रिय
डॉ. मेहता ने कहा कि एमडब्ल्यूबी पिछले पांच वर्षों से पत्रकारों और उनके परिवारों की सुरक्षा एवं कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। संस्था का उद्देश्य केवल पत्रकारों के पेशेवर हितों की पैरवी करना नहीं, बल्कि उनके जीवन, स्वास्थ्य, परिवार और आर्थिक सुरक्षा के लिए प्रभावी सामाजिक सुरक्षा तंत्र तैयार करना भी है।

उन्होंने कहा कि उत्तर भारत में चन्द्र शेखर धरणी के नेतृत्व में एमडब्ल्यूबी पत्रकारों के प्रमुख संगठनों में अपनी अलग पहचान बना चुकी है। संगठन ने विभिन्न राज्यों और जिलों में इकाइयां गठित कर पत्रकारों को एक साझा मंच प्रदान किया है। जम्मू-कश्मीर में मीर आफताब, पंजाब में सुमित खन्ना, दिल्ली में संजीव शर्मा तथा हिमाचल प्रदेश में विशाल सूद प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पत्रकार कल्याण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं।

मुफ्त टर्म और दुर्घटना बीमा बनी बड़ी पहल
डॉ. मेहता के अनुसार एमडब्ल्यूबी की सबसे महत्वपूर्ण पहलों में पत्रकारों को बिना किसी शुल्क के बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराना शामिल है। संस्था से जुड़े पत्रकारों को 10 लाख रुपये तक की टर्म इंश्योरेंस तथा 10 लाख रुपये तक की दुर्घटना बीमा पॉलिसी नि:शुल्क दी जा रही है। पॉलिसी के नवीनीकरण का खर्च भी संस्था द्वारा वहन किए जाने की बात कही गई है।

उन्होंने बताया कि टर्म इंश्योरेंस पत्रकार की असामयिक मृत्यु की स्थिति में उसके परिवार को आर्थिक सहारा देती है, जबकि दुर्घटना बीमा किसी आकस्मिक हादसे की स्थिति में परिवार के लिए सुरक्षा कवच का काम करती है। इसके अलावा सपरिवार कैशलेस हेल्थ इंश्योरेंस के माध्यम से गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में उपचार संबंधी आर्थिक बोझ को कम करने का प्रयास किया जा रहा है।

गंभीर बीमारी में भी पत्रकारों के साथ खड़ी हुई संस्था
डॉ. मेहता ने बताया कि एमडब्ल्यूबी ने पत्रकारों के गंभीर स्वास्थ्य संकट के दौरान भी सहायता उपलब्ध कराई है। संस्था के अनुसार किडनी ट्रांसप्लांट कराने वाले छह पत्रकारों सहित हृदय रोग और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे कई पत्रकारों को आर्थिक मदद दी गई है। दिवंगत पत्रकार ज्ञानेंद्र भरतरिया के परिवार को भी संस्था की ओर से 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने का उल्लेख उन्होंने किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि लंबे समय तक फील्ड में काम करने वाले अनेक पत्रकारों के सामने स्वास्थ्य उपचार के साथ-साथ परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां भी रहती हैं।

पत्रकारों के अधिकार और सामाजिक सुरक्षा पर जोर
एमडब्ल्यूबी ने हरियाणा में पत्रकारों की पेंशन, स्वास्थ्य, परिवहन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी कई मांगें सरकार के समक्ष रखी हैं। इनमें पत्रकार पेंशन को बढ़ाकर 30 हजार रुपये प्रतिमाह करने, पेंशन नियमों को सरल बनाने, पांच वर्ष की एक्रीडिटेशन शर्त हटाने तथा 15 वर्ष की पत्रकारिता सेवा पूरी करने वाले पत्रकारों को पेंशन देने की मांग प्रमुख है।

संगठन ने पेंशन के लिए उम्र सीमा 58 वर्ष निर्धारित करने, पेंशनधारी पत्रकार की मृत्यु के बाद पत्नी या आश्रितों को लाभ जारी रखने, कैशलेस मेडिकल सुविधा का नोटिफिकेशन जारी करने और सोशल मीडिया पॉलिसी को सरल बनाने की मांग भी उठाई है। परिवहन सुविधाओं में रोडवेज की विभिन्न श्रेणी की बसों में पत्रकारों के लिए सीट आरक्षण, निजी बसों में रियायत, पत्रकारों के लिए आवासीय सुविधा तथा उनके बच्चों के लिए शिक्षा एवं रोजगार में आरक्षण जैसी मांगें भी संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल हैं।

डॉ. सुरेंद्र मेहता ने कहा कि एमडब्ल्यूबी का लक्ष्य पत्रकारों को केवल संगठनात्मक मंच देना नहीं, बल्कि उनके लिए स्वास्थ्य, जीवन बीमा, दुर्घटना सुरक्षा, आर्थिक सहायता, कानूनी सहयोग और प्रशिक्षण जैसी सुविधाओं का मजबूत नेटवर्क तैयार करना है। उन्होंने कहा कि 21 अगस्त का जगाधरी कार्यक्रम इसी सामाजिक सुरक्षा अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी है, जिसमें पत्रकारों को उनके और उनके परिवारों के भविष्य के लिए उपयोगी बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।