Monu Manesar Release: नासिर-जुनैद हत्याकांड के आरोपी मोनू मानेसर की जेल से रिहाई; गांव पहुँचने पर ढोल-नगाड़ों के साथ हुआ जोरदार स्वागत
नासिर और जुनैद हत्याकांड में करीब दो साल से जेल में बंद गौरक्षक मोनू मानेसर जमानत मिलने के बाद अपने गांव मानेसर पहुँच गया है। राजस्थान की जेल से बाहर आते ही समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों और फूल मालाओं के साथ उसका स्वागत किया। जानें क्या है पूरा मामला और किन शर्तों पर मिली जमानत।
गुड़गांव : नासिर और जुनैद हत्याकांड में गिरफ्तार गौरक्षक एवं बजरंग दल का कार्यकर्ता मोनू मानेसर जेल से रिहा हाेने के बाद देर रात को अपने गांव मानेसर पहुंच गया। यहां लोगों ने उसका जोरदार स्वागत किया। मोनू के स्वागत के लिए लोगों की काफी भीड़ देखने को मिली। जैसे ही माेनू अपने गांव पहुंचा तो लोगों ने ढोल नगाढ़ो की थाप पर उसका स्वागत किया। इतना ही नहीं फूल मालाएं डालकर उसे गोद में उठाकर उसके घर तक ले गए। देर रात तक मानेसर में जश्न का माहौल रहा।
आपको बता दें कि नासिर और जुनैद हत्याकांड में करीब दो साल पहले माेनू मानेसर को राजस्थान पुलिस गुड़गांव से गिरफ्तार कर ले गई थी। इसके बाद से ही वह राजस्थान की जेल में बंद था। 6 फरवरी को जयपुर के हाईकोर्ट से उसे जमानत मिल गई और बेल बॉन्ड भरने के बाद 7 फरवरी की देर रात को उसे जेल से बाहर निकाला गया। जिसके बाद वह सड़क रास्ते से मानेसर पहुंचा। माेनू को राजस्थान से गुड़गांव लाने के लिए गाड़ियों का काफिला गया था। उसके जेल से बाहर आते ही लोगों ने उसे अपनी गोद में उठा लिया और जोरदात स्वागत करने के बाद उसे गुड़गांव ले आए।
12 अगस्त 2023 को मोनू मानेसर को गुड़गांव पुलिस ने पटौदी में हुई फायरिंग के मामले में गिरफ्तार किया था। इसके साथ ही उसे नूंह में हुए दंगे के दौरान भड़काउ पोस्ट डालने के लिए भी गिरफ्तार किया गया था। गुड़गांव कोर्ट ने इन दोनों ही मामलों में उसे जमानत दे दी थी, लेकिन उसके गिरफ्तार रहते हुए ही राजस्थान पुलिस ने उसे अदालत से नासिर जुनैद हत्याकांड में मुख्य आरोपी बताते हुए ट्रांजिट रिमांड पर लिया था जिसे बाद में राजस्थान कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। तब से वह राजस्थान जेल में ही बंद था।