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NIT Protest: छात्रों का भारी हंगामा, प्रोफेसरों पर उत्पीड़न का आरोप, CBI जांच की मांग

NIT कैंपस में लगातार हो रहे सुसाइड मामलों से भड़के छात्र। मुख्य गेट पर धरना, प्रोफेसरों पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप और CBI जांच की मांग। जानें पूरा मामला।

 

छात्रों में आक्रोश फैल गया. बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स संस्थान के मुख्य द्वार पर इकट्ठा होकर प्रदर्शन करने लगे. छात्रों का कहना है कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने उन्हें विरोध के लिए मजबूर कर दिया है. वहीं, स्टूडेंट्स ने मामले में सीबीआई जांच की मांग की है.

मुख्य गेट पर दिया धरना: आक्रोशित विद्यार्थियों ने एनआईटी के मुख्य गेट पर बैठकर धरना शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारी छात्रों ने नारेबाजी करते हुए प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई. हालात को देखते हुए संस्थान

प्रशासन ने मुख्य द्वार को बंद कर दिया, जिससे कैंपस के भीतर और बाहर आवागमन प्रभावित हुआ. प्रदर्शन देर रात तक जारी रहा और छात्रों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी, आंदोलन जारी रहेगा.

प्रोफेसरों पर गंभीर आरोप: प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि संस्थान के कुछ प्रोफेसर और लेक्चरर छात्रों पर अनावश्यक दबाव बनाते हैं और मानसिक रूप से परेशान करते हैं. उनका कहना है कि लगातार होने वाले असाइनमेंट प्रेशर, सख्त व्यवहार और कथित उत्पीड़न के कारण कई छात्र मानसिक तनाव में आ जाते हैं. छात्रों का दावा है कि इसी वजह से आत्महत्या के मामलों में बढ़ोतरी हुई है.

पिछले मामलों का जिक्र: विद्यार्थियों ने बताया कि पिछले दो-तीन महीनों में चार से अधिक सुसाइड के मामले सामने आ चुके हैं. उनका कहना है कि हर बार जांच का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होती. इसी कारण इस बार छात्रों ने खुलकर विरोध करने का फैसला लिया है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.

जांच और कार्रवाई की मांग: प्रदर्शनकारी छात्रों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिन भी प्रोफेसरों या स्टाफ पर आरोप साबित हों, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. साथ ही उन्होंने कैंपस में बेहतर काउंसलिंग सिस्टम और स्टूडेंट सपोर्ट मैकेनिज्म लागू करने की भी मांग रखी है. फिलहाल प्रशासन और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.