नूंह ग्रीवेंस मीटिंग: केएमपी के पास बसेंगे 5 नए शहर, मंत्री राव नरबीर का एक्शन
नूंह में मंत्री राव नरबीर ने सुनीं 17 शिकायतें, 12 का मौके पर समाधान। KMP एक्सप्रेसवे के पास 5 नए शहर बसाने का एलान और नगीना में बूचड़खानों का औचक निरीक्षण।
नूंह: शुक्रवार को नूंह में ग्रीवेंस कमेटी की बैठक हुई. कैबिनेट मंत्री राव नरबीर ने लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को मौके पर समाधान करने के निर्देश दिए. कुल 17 शिकायतें सामने आईं, जिनमें से 12 का उसी समय निस्तारण कर दिया गया. बाकी 5 मामलों को संबंधित विभागों को सौंपते हुए साफ कहा गया कि जल्द रिपोर्ट दी जाए. बैठक के दौरान अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की गई, जिससे साफ संदेश गया कि लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी. स्थानीय लोगों के लिए यह बैठक राहत भरी रही, क्योंकि कई लंबित मामलों का तुरंत हल निकल आया.
बिजली-पानी पर सवाल, मंत्री ने बताया प्लान: बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री ने मेवात क्षेत्र में बिजली और पानी की समस्या को स्वीकार किया. उन्होंने कहा कि चुनौतियां जरूर हैं, लेकिन सरकार लगातार समाधान की दिशा में काम कर रही है. खास तौर पर जल संकट को देखते हुए एक नई योजना तैयार की जा रही है, जिसमें बरसाती पानी को स्टोर कर सिंचाई में इस्तेमाल करने पर जोर रहेगा. साथ ही नहरों के जरिए पानी निकासी और जरूरत पड़ने पर यमुना से जोड़ने जैसे विकल्प भी देखे जा रहे हैं. इस प्लान का मकसद गुरुग्राम में जलभराव कम करना और मेवात के किसानों को पानी उपलब्ध कराना है.
KMP एक्सप्रेसवे के आसपास बसेंगे नए शहर: मंत्री ने KMP Expressway को लेकर बड़ा अपडेट दिया. उन्होंने बताया कि इसके आसपास पांच नए शहर बसाने की योजना तेजी से आगे बढ़ रही है. हाल ही में इस पर उच्चस्तरीय बैठक भी हो चुकी है और जल्द नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी लाई जाएगी. HSIIDC के जरिए जमीन चिन्हित करने का काम चल रहा है, ताकि निवेशकों को आसानी से प्लॉट मिल सके. एक्सप्रेसवे के दोनों ओर दो-दो किलोमीटर तक टाउनशिप विकसित करने की योजना है, जिससे मेवात इलाके में रोजगार और विकास दोनों को रफ्तार मिलने की उम्मीद है.
नगीना में बूचड़खानों का किया निरीक्षण: ग्रीवेंस मीटिंग खत्म होते ही मंत्री का अगला कदम चौंकाने वाला रहा. बिना ज्यादा जानकारी दिए वह सीधे नगीना क्षेत्र के आसपास स्थित बूचड़खानों के निरीक्षण के लिए पहुंच गए. इस दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं को करीब से देखा और संचालकों को जरूरी निर्देश दिए. हालांकि किन खामियों को पकड़ा गया, इस पर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. लेकिन स्थानीय स्तर पर इसे बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि इन बूचड़खानों को लेकर लंबे समय से प्रदूषण और अव्यवस्था की शिकायतें उठती रही हैं.
स्थानीय लोगों में चर्चा तेज, कार्रवाई से बढ़ी उम्मीद: मंत्री के इस अचानक निरीक्षण के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है. लोगों का मानना है कि अगर इसी तरह सख्ती जारी रही तो लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान निकल सकता है. खासकर प्रदूषण और अव्यवस्था को लेकर जो शिकायतें थीं, उन पर अब ठोस कार्रवाई की उम्मीद जगी है. कुल मिलाकर ग्रीवेंस मीटिंग से लेकर फील्ड एक्शन तक, इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया कि प्रशासन अब जमीन पर नजर रख रहा है और लापरवाही पर सीधे कार्रवाई हो सकती है.