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नूंह: दादा के शक पर कब्र से निकाला 4 माह के बच्चे का शव, पोस्टमार्टम जारी

नूंह के गांव सौंख में 4 माह के बच्चे की संदिग्ध मौत का मामला। दादा की शिकायत पर प्रशासन ने कब्र से शव निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
 

नूंह: नूंह जिले के गांव सौंख में एक मासूम बच्चे की संदिग्ध मौत का मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने विशेष कार्रवाई करते हुए कब्र से शव निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. यह कार्रवाई मृतक बच्चे के दादा शमशाद की शिकायत पर की गई, जिन्होंने अपने पोते मोहम्मद आहिल की मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी.

दादा की शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई: शमशाद ने उच्च अधिकारियों को दी गई शिकायत में आरोप लगाया कि उनके पोते की मौत स्वाभाविक नहीं थी. शिकायत में उन्होंने पुत्रवधू और उसके मायके पक्ष के कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए. हालांकि पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है.शिकायतकर्ता शमशाद ने कहा कि, "मुझे अपने पोते की मौत पर शुरू से ही संदेह था. इसलिए मैंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और पोस्टमार्टम कराने की मांग की ताकि सच्चाई सामने आ सके."

4 माह के बच्चे की अचानक हुई मौत: शिकायत के अनुसार शमशाद के बेटे साहिल की वर्ष 2025 में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी. उस समय उसकी पत्नी अफसाना गर्भवती थी. बाद में उसने बेटे मोहम्मद आहिल को जन्म दिया. कुछ समय बाद अफसाना अपने मायके गांव जैताका, थाना नगीना चली गई. मार्च महीने में मोहम्मद आहिल की मौत हो गई, जिसके बाद शव को गांव सौंख लाकर मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार दफना दिया गया था.

प्रशासन की निगरानी में कब्र से निकाला गया शव: दादा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत की. इसके बाद उपमंडल मजिस्ट्रेट फिरोजपुर झिरका के आदेश पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया. मंगलवार सुबह करीब 10 बजे ड्यूटी मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारियों, भारी पुलिस बल और ग्रामीणों की मौजूदगी में कब्र से शव निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया. इस दौरान ड्यूटी मजिस्ट्रेट दीपक ने कहा कि, "न्यायालय के आदेशों के अनुसार पूरी कार्रवाई प्रशासन की निगरानी में शांतिपूर्ण ढंग से कराई गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी."

गांव भर में चर्चा: घटना के बाद पूरे गांव में चर्चा का माहौल है. ग्रामीण भी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. वहीं, गांव के सरपंच सद्दाम ने कहा कि, "प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया कानून के अनुसार पूरी की है. हमारी भी यही अपेक्षा है कि जांच निष्पक्ष हो और जो भी तथ्य सामने आएं, उसी आधार पर कार्रवाई की जाए." मृत बच्चे के चाचा मुस्तफा ने कहा कि, "परिवार चाहता है कि बच्चे की मौत का सही कारण सामने आए, ताकि किसी तरह की आशंका या भ्रम समाप्त हो सके."

पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार: प्रशासन और पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल मामले की जांच जारी है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बच्चे की मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा. अधिकारियों ने कहा कि रिपोर्ट और जांच के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.