Panchkula Dussehra Festival 2026: शालीमार ग्राउंड में 70 लाख की लागत से बनेगा 221 फीट ऊंचा रावण, तेजिंदर राणा करेंगे तैयार
पंचकूला: देश में इस बार दशहरा यानी कि विजयादशमी बीस अक्टूबर को मनाया जाएगा. इसके लिए हर बार की तरह दो महीने पहले से ही तैयारियां शुरू कर दी जाती हैं. खास बात यह है कि इस साल लोग एक बार फिर पंचकूला के दशहरा महोत्सव में ट्राईसिटी के सबसे बड़े रावण के पुतला को देख सकेंगे. रावण के विशाल पुतले को इस बार भी तेजिंदर राणा बराड़ा द्वारा तैयार किया जाना है. इसके लिए पहले चरण की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. वहीं, आयोजकों ने भी अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं.
221 फुट का होगा रावण का पुतला: पंचकूला के सेक्टर-5 स्थित शालीमार ग्राउंड में ही भव्य दहशरा महोत्सव आयोजित किया जाएगा. इस साल विशाल रावण के पुतले का कद 221 फुट का होगा. श्री माता मनसा देवी दशहरा कमेटी और श्री आदर्श रामलीला ड्रामाट्रिक क्लब द्वारा शालीमार ग्राउंड के दशहरा आयोजन की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. आयोजकों के दावे के अनुसार रावण का यह पुतला ट्राईसिटी में तैयार होने वाले सबसे ऊंचे रावण के पुतलों में शामिल होगा.
तेजिंदर राणा और उनके कारीगर: रावण का ऊंचा एवं आकर्षक पुतला बनाने की जिम्मेदारी इस साल भी तेजिंदर राणा और उनके साथ के अनुभवी कारीगरों की होगी. आयोजकों द्वारा उन्हें जिम्मेदारी सौंप दिए जाने की जानकारी दी गई है. तेजिंदर द्वारा रावण के पुतले को बनाने का काम जल्द शुरू कर दिया जाएगा. वहीं, बीते वर्षों की तरह इस साल भी दशहरा महोत्सव के दौरान आतिशबाजी भी जमकर होगी.
आयोजन पर 70 लाख खर्च का अनुमान: श्री माता मनसा देवी दशहरा कमेटी के प्रधान जॉनी मित्तल, महासचिव संदीप गुप्ता और वरिष्ठ उप-प्रधान अमित गोयल समिति के अन्य सहयोगियों के साथ दशहरा महोत्सव को यादगार बनाने की तैयारियां शुरू कर चुके हैं. उन्होंने बताया कि समारोह के दौरान सिलसिलेवार आतिशबाजी और रावण का पुतला लोगों के आकर्षण का केंद्र बनेगा. आयोजकों ने बताया कि इस बार दशहरा समारोह पर करीब 70 लाख रुपये के खर्च का अनुमान है. इस खर्च में समारोह से संबंधित सभी प्रकार की तैयारियां शामिल होंगी.
भारी भीड़ जुटने की संभावना: आयोजकों की मानें तो दशहरा के दिन ग्राउंड में लोगों के हजारों की संख्या में पहुंचने की उम्मीद है. क्योंकि बीते वर्षों में भी सबसे ऊंचे रावण के पुतले को देखने न केवल स्थानीय लोग, बल्कि ट्राईसिटी समेत अन्य जिलों के लोग भी यहां पहुंचते रहे हैं. इसके मद्देनजर आमजन की सुरक्षा, ट्रैफिक, पार्किंग, अन्य प्रबंधों व समूची व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर गौर किया जाएगा. इसके लिए कमेटी द्वारा विभिन्न पदाधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं.
पंचकूला-चंडीगढ़ में पहले भी आयोजन: तेजिंदर राणा बराड़ा बीते कई वर्षों से रावण के सबसे ऊंचे पुतले बनाने का काम कर रहे हैं. इससे पहले भी वह चंडीगढ़ स्थित सारंगपुर के ग्राउंड और पंचकूला के शालीमार ग्राउंड में ट्राईसिटी के सबसे ऊंचे रावण के पुतलों को खड़ा कर चुके हैं. इससे पूर्व पंचकूला में आयोजित किए गए दशहरा महोत्सव के दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा रावण के पुतले का दहन किया गया था. उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर रावण दहन किया था. उस दौरान रावण का पुतला इको-फ्रेंडली बनाया गया था, ताकि वायु प्रदुषण न हो. इस बार भी रावण के पुतले को इको-फ्रेंडली बनाया जा सकता है.
पहले 210 फीट का रावण: इससे पहले 19 अक्टूबर 2018 को पंचकूला के सेक्टर-5 के शालीमार ग्राउंड में ही ट्राईसिटी का सबसे ऊंचा रावण का पुतला खड़ा किया गया था. उस साल ट्राईसिटी में सबसे ऊंचे 210 फीट के रावण के पुतले का दहन किया गया था. इस इको-फ्रेंडली पुतले का वजन लगभग 40 क्विंटल था, जिसे देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी थी.