पंचकूला पॉक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला: नाबालिग से दुष्कर्म प्रयास में 10 साल की सजा
पंचकूला की फास्ट ट्रैक पॉक्सो कोर्ट ने 13 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के प्रयास में दोषी को 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई। पढ़ें कोर्ट का पूरा फैसला।
पंचकूला: नाबालिग लड़की से दुष्कर्म की कोशिश के मामले में पंचकूला की फास्ट ट्रैक स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने दोषी को सजा सुनाई है. पंचकूला थाना सेक्टर-7 में वर्ष 2022 में मामला दर्ज हुआ था. बंधक बनाने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में कोर्ट ने दोषी को दस वर्ष के कठोर कारावास सहित विभिन्न धाराओं में सजा सुनाई है. पुलिस विभाग ने कहा कि ये फैसला नाबालिग बच्चों के विरुद्ध अपराध करने वालों के लिए कड़ा संदेश है कि ऐसे मामलों में कानून किसी भी दोषी को बख्शेगा नहीं.
13 वर्षीय बच्ची के साथ जबरदस्ती: डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2022 को थाना सेक्टर-7 पंचकूला में पीड़िता की मां की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था. शिकायतकर्ता ने बताया कि उसकी लगभग 13 वर्षीय बेटी स्कूल से घर लौटने के बाद सामान लेने के लिए बाहर गई थी. कुछ देर बाद जब वह वापस नहीं लौटी तो तलाश करने पर पड़ोसी के घर से बच्ची के रोने की आवाज सुनाई दी. दरवाजे से झांकने पर आरोपी बच्ची के साथ जबरदस्ती करता दिखाई दिया. शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गया, लेकिन बाद में पीड़िता ने अपनी माता को बताया कि आरोपी उसे जबरन अपने घर ले गया था. फिर उसके साथ गलत काम करने का प्रयास किया. उसने यह भी बताया कि आरोपी पहले भी उसके साथ गलत हरकत कर चुका था और उसने किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी.
किन-किन धाराओं में कितनी सजा: थाना सेक्टर-7 पुलिस ने मामले में पॉक्सो एक्ट की धारा 4 और भारतीय दंड संहिता की धाराओं 342 और 506 के तहत मामला दर्ज कर गहन जांच की. जांच पूरी होने के बाद न्यायालय में मजबूत साक्ष्य एवं गवाह प्रस्तुत किए गए, जिनके आधार पर फास्ट ट्रैक स्पेशल पॉक्सो कोर्ट, पंचकूला में अतिरिक्त सत्र न्यायधीश मनीष दुआ ने आरोपी को दोषी करार दिया. साथ ही पॉक्सो एक्ट की धारा 4(2) सहपठित धारा 18 के तहत दोषी को 10 वर्ष का कठोर कारावास एवं 30 हजार रुपये जुर्माना, धारा 342 आईपीसी में एक वर्ष का कारावास एवं 2 हजार रुपये जुर्माना और धारा 506 आईपीसी में दो वर्ष का कारावास एवं 5 हजार रुपये जुर्माना सुनाया. कोर्ट ने आदेश दिया कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी और पॉक्सो एक्ट के तहत लगाया गया जुर्माना नियमानुसार पीड़िता को प्रदान किया जाएगा.
बाल अपराध करने वालों को कड़ी सजा: डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने कहा कि "पुलिस का मुख्य उद्देश्य पीड़ित बच्चों और महिलाओं को जल्द न्याय दिलाना है. इस तरह की सख्त सजा समाज में अपराधियों के हौसले पस्त करेगी और कानून के प्रति आमजन का विश्वास मजबूत करेगी. बच्चों के खिलाफ अपराध करने वाले किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे. पुलिस उनके खिलाफ इसी तरह वैज्ञानिक और ठोस साक्ष्यों के साथ अदालतों में पैरवी जारी रखेगी."