सेक्टर-20 में 12 एकड़ में बनेगा भव्य बाग, एम्फीथिएटर, योग डेक और चिल्ड्रेन प्ले एरिया से होगा लैस
पंचकूला के सेक्टर-20 में 12 एकड़ जमीन पर करीब 2.5 करोड़ रुपये की लागत से नया और भव्य बाग बनाया जाएगा। इसमें एम्फीथिएटर, योग डेक, साइकिल ट्रैक और पक्षियों के लिए विशेष क्षेत्र शामिल होगा।
पंचकूला: पंचकूला शहर के विभिन्न सेक्टरों में अनेकों पार्क हैं. पंचकूला सेक्टर-5 स्थित यवनिका और कैक्टस गार्डन समेत अन्य जगहों पर भी कई पार्क हैं, जहां मेलों और विभिन्न गतिविधयों का आयोजन किया जाता है. लेकिन पंचकूला नगर निगम ने शहर में अब एक ऐसी जगह तलाश ली है, जहां काफी बड़ा और आकर्षक बाग बनाया जाना है.
अधिकांश शहरवासी इस जगह से अब तक अनजान हैं. क्योंकि 12 एकड़ की यह जगह सेक्टर-20 स्थित गांव कुंडी और दूसरी ओर अनेक सोसाइटियों के बीचों-बीच है. नगर निगम की नजर में यह जगह उस समय आई, जब मेयर शाम लाल बंसल इस जमीन के साथ लगती कुछ सोसाइटियों द्वारा आयोजित एक समारोह में गए. यहां लोगों ने मेयर से इस खाली जगह पर बाग बनाने की मांग की.
निगम ने बाग की ड्राइंग तैयार की: पंचकूला मेयर शाम लाल बंसल ने बताया कि, "इस जमीन पर आम और अन्य फलों के अनेक पेड़ लगे हैं. इस हरियाली को सुंदर बाग के रूप में बदलने से पहले इसकी ड्राइंग तैयार की गई है. यहां कई प्रकार की सुविधाएं प्रदान करने के संबंध में विचार किया जा रहा है. बाग बनाने के दौरान यहां कई अन्य प्रकार के पेड़-पौधे लगाए जाएंगे. फव्वारे, पोंड और वैटलेंड, झूले, खुली जगह और लॉन, पार्किंग, साइकिल ट्रैक, प्राकृतिक खेल क्षेत्र समेत अन्य विभिन्न सुविधाएं प्रदान की जाएंगी. इन सभी सुविधाओं के लिए अलग-अलग क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं. फिलहाल यहां साफ-सफाई का काम शुरू कर दिया गया है."
साइट के आकलन के बाद दो प्रस्ताव तैयार: मेयर शाम लाल बंसल ने बताया कि...
1. इस पूरी साइट का आकलन करने के बाद ड्राइंग के रूप में दो प्रस्ताव तैयार किए गए हैं. पहले प्रस्ताव के अनुसार दो ओर से जाती मुख्य सड़कों को छोड़कर नॉर्थ व साउथ एंट्री प्वाइंट के समीप पार्किंग क्षेत्र बनाए जाएंगे. बाग के अंदर पोंड, हट, सीढ़ीदार छोटा आकर्षक गार्डन, सैर-सपाटे को लंबे व घुमावदार रास्ते, फल-फूलों के अनेक घनेदार पेड़ों के बीच अन्य विभिन्न प्रकार की सुविधाएं शामिल हैं. पार्किंग स्पेस से अंदर दाखिल होने वाले दोनों रास्ते बाहरी ओर चौतरफा बाग को कवर करेंगे. जबकि बाग के अंदर के छोटे-छोटे कई घुमावदार रास्तों के अलावा दो अन्य लंबे ट्रैक प्रस्ताव में शामिल हैं. इनमें से एक बाहरी बाउंड्री से कटकर अलग होता दिखाई देता है.
2. दूसरे प्रस्ताव पहले प्रस्ताव से काफी अलग दिखाई देता है. नॉर्थ व साउथ के पार्किंग क्षेत्र को छोड़कर काफी कुछ अलग है. इस प्रस्ताव के अनुसार नॉर्थ प्वाइंट से बाग में प्रवेश करने पर शुरूआत में एक एमपीथिएटर, दाईं ओर गजिबो, वृद्धजनों के लिए विशेष क्षेत्र और योगा व मेडिटेशन डेक रहेगा. जबकि बाईं ओर चिल्ड्रन प्ले एरिया, मल्टीपर्पस कोर्ट और ओपन लॉन बनाया जाएगा. पार्क के केंद्र में एमपीथिएटर से आगे सेंट्रल लॉन होगा. बाग के केंद्रीय क्षेत्र समेत दाईं व बाईं ओर के क्षेत्रों के बीच आवागमन को ट्रैक तैयार किए जाएंगे. जबकि साऊथ पार्किंग क्षेत्र के बाद बाग की शुरूआत में पार्क ऑफिस/कैफे के लिए जगह निर्धारित की गई है. वहीं दोनों प्रस्ताव में नॉर्थ व साऊथ पार्किंग क्षेत्र से वाहनों की आवाजाही के लिए प्रवेश-निकासी के रास्ते भी निर्धारित हैं.
मुख्यमंत्री से मंजूरी का इंतजार: मेयर शाम लाल बंसल ने आगे कहा कि, "हमने उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और मंत्री विपुल गोयल से बाग बनाने के संबंध में बातचीत की है. भरोसा मिलने पर हमने 12 एकड़ भूमि पर बाग बनाने और उसके सौंदर्यीकरण के लिए आवश्यक तैयारियों के संबंध में दोनों प्रस्ताव तैयार किए हैं. बाग बनाने का पूरा खाका तैयार कर लिया गया है. अब केवल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मंजूरी का इंतजार है. मुख्यमंत्री से स्वीकृति मिलते ही मार्च 2027 तक बाग को तैयार कर दिया जाएगा, जिससे आसपास की सोसाइटी में रहने वाले लोगों और विशेष तौर पर गांव कुंडी के ग्रामीणों का काफी लाभ मिलेगा. करीब दो-ढाई करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए जाने वाले इस बाग में बच्चों से बुजुर्गों तक, हर आयु वर्ग का विशेष ध्यान रखा गया है. सुबह-शाम सैर-सपाटा करने के अलावा मनोरंजन के भी कई साधन उपलब्ध कराए जाएंगे."
मौजूदा जंगली क्षेत्र में अनेकों मोर: मेयर शाम लाल बंसल ने बताया कि, "इस बड़े जंगली क्षेत्र में वर्तमान में आम और अन्य फलों के अनेक पेड़ लगे हैं. खाली जगह पर हरियाली अधिक होने के चलते यहां बड़ी संख्या में मोर भी हैं. बाग बनाने और उसके सौंदर्यीकरण के कार्यों के दौरान मोरों के अलावा यहां अन्य कई प्रजाति के पक्षी रखने पर भी विचार किया जा रहा है. ताकि बाग में पक्षियों और मोर की आवाज चहकती रहे. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री से जिस किसी एक प्रस्ताव को मंजूरी मिलेगी. भविष्य में कुछ और अच्छा भी सोचा जा सकेगा. फिलहाल बाग का नाम नहीं सोचा गया है. बाग के बनने के बाद उसके नाम के बारे में विचार किया जाएगा."
सरकारी रिकॉर्ड में हुड्डा की जमीन: दरअसल, यह जमीन सरकारी रिकॉर्ड में हुड्डा के अधिकार क्षेत्र में है. लेकिन मेयर शाम लाल बंसल ने कहा कि, "जमीन किसी की भी हो, यदि उसका सदुपयोग लोगों के लिए किया जाए तो इससे अच्छा कुछ नहीं. करीब एक दशक से भी अधिक समय से इस जमीन की किसी ने सूध नहीं ली. आसपास के लोग यहां बाग के रूप में प्रकृति से जुड़ना चाहते हैं तो बाग बनने पर इस जगह की मौजूदा स्थिति बेहतर ही होगी. इसी कारण उन्होंने इस जमीन पर एक सुंदर बाग तैयार करने के संबंध में मुख्यमंत्री नायब सैनी से बाचतीत की है. मुख्यमंत्री की मंजूरी के साथ वह आसपास की सोसाइटी और ग्रामीणों का बाग के रूप में सुंदर उपहार देने में कामयाब होंगे."