Haryana Nursing Staff Protest: महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और ट्रांसफर को लेकर तनातनी, सरकार को दी चेतावनी
पानीपत में स्वास्थ्य विभाग की ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में नर्सिंग स्टाफ ने मोर्चा खोल दिया है। 5 से 7 अक्टूबर 2026 तक 2 घंटे की सांकेतिक हड़ताल रहेगी।
हरियाणा के पानीपत जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लागू की गई 'मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी' (MOTP) को लेकर नर्सिंग स्टाफ का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। अपनी विभिन्न मांगों और इस पॉलिसी के विरोध में पानीपत सिविल अस्पताल की नर्सिंग एसोसिएशन की ओर से सिविल सर्जन को एक आधिकारिक ज्ञापन सौंपा गया है। एसोसिएशन ने प्रशासन और सरकार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी जायज मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया, तो वे अपने इस विरोध प्रदर्शन को और अधिक उग्र करने के लिए बाध्य होंगे।
⏰ 5 से 7 अक्टूबर 2026 तक रहेगी 2 घंटे की सांकेतिक हड़ताल: कामकाज पर पड़ेगा असर
नर्सिंग स्टाफ ने कड़ा रुख अपनाते हुए घोषणा की है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी जाती हैं, तो वे 5 अक्टूबर, 6 अक्टूबर और 7 अक्टूबर 2026 को प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक यानी कुल 2 घंटे की सांकेतिक हड़ताल रखेंगे। इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ सकता है। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि वे मरीजों की सेवा के लिए हमेशा तत्पर हैं, लेकिन इस नीति से उनके सामने पारिवारिक और व्यावहारिक समस्याएं खड़ी हो रही हैं।
🛡️ पारिवारिक जिम्मेदारियां और महिला सुरक्षा मुख्य चिंता: अन्य राज्यों का दिया हवाला
नर्सिंग एसोसिएशन ने अपनी मुख्य परेशानियों को साझा करते हुए बताया कि नर्सिंग कैडर में अधिकांश महिला कर्मचारी हैं, जिन पर छोटे बच्चों की परवरिश, उनकी पढ़ाई और बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल की दोहरी जिम्मेदारी होती है। ऐसे में दूर-दराज के जिलों में ट्रांसफर होने से उनका मानसिक तनाव काफी बढ़ जाएगा। इसके अलावा, स्वास्थ्य संस्थानों में 24 घंटे यानी तीनों शिफ्टों में ड्यूटी करनी होती है, और ग्रामीण या सुनसान इलाकों में आवाजाही से महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। एसोसिएशन ने तर्क दिया है कि देश के किसी भी अन्य राज्य में नर्सिंग कैडर पर ऐसी ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी लागू नहीं है, इसलिए सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।