Global Warming Alert: फरवरी में ही 30 डिग्री पहुंचा पारा; पर्यावरण संरक्षण समिति ने जताई चिंता, सड़कों पर त्रिवेणी लगाकर बचाएंगे हरियाली
सेक्टर-13 में पर्यावरण संरक्षण समिति की बैठक में बढ़ते तापमान पर मंथन। चेयरमैन एसडी अरोड़ा ने बताया कि फरवरी में पारा 30 डिग्री पार कर गया है, जो फसलों और स्वास्थ्य के लिए खतरा है। समिति अब सूखे पौधों को पानी देने और चौक-चौराहों पर त्रिवेणी लगाने का अभियान चलाएगी।
पर्यावरण संरक्षण समिति की मासिक बैठक का आयोजन सेक्टर-13 आर्य समाज मंदिर में की। समिति चेयरमैन एसडी अरोड़ा ने बताया कि मौसम में बदलाव लोगों को चिंतित कर रहा है। तापमान में अधिक उतार-चढ़ाव पर्यावरण को असामान्य कर रहा है। पिछले वर्ष फरवरी मास में अधिकतम तापमान 25 डिग्री पर था, लेकिन अब फरवरी मास में अधिकतम तापमान लगभग 30 डिग्री पर पहुंच गया है और आगे 40-45 डिग्री तक पहुंचने की संभावना है। मौसम में बदलाव का सीधा असर फसलों पर पड़ता है और फसलें ठीक प्रकार तैयार नहीं हो पाती।
मौसम में अचानक बदलाव मानव के स्वास्थ्य को भी खराब करता है। वैज्ञानिकों ने बताया है कि ग्रीन हाउस गैस के कारण ग्लोबल वार्मिंग बढ़ रहा है जिससे पर्यावरण में प्रदूषण भरा रहता है और ओजोन परत के कारण ऊपर नहीं जा सकता। वाइस चेयरमैन राम रतन अत्री ने बताया कि विकास के नाम पर सडक़ें, कालोनियां और फैक्ट्रियां बनाने के लिए पेड़-पौधे काटे जा रहे हैं और हरियाली को खत्म किया जा रहा है। पेड़-पौधों की जगह अब कंक्रीट की सड़कें और पत्थरों के भवन बना दिए गए है जिससे वायुमंडल में आक्सीजन की मात्रा बहुत कम हो गई है।
सड़कें, गलियां पक्की होने के कारण वर्षा का पानी भी जमीन में नहीं जा सकता। एडवोकेट सुरेश खन्ना ने बताया कि कई जगह सडक़ों के किनारे लगाए गए पौधे सूख रहे हैं क्योंकि उन पौधों को पानी नहीं दिया जा रहा। समिति ने निर्णय लिया है कि उन सूखे पौधों को पानी देकर हरा-भरा किया जाएगा। पर्यावरण समिति चौक-चौराहों पर त्रिवेणी लगाकर लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरुक भी करेगी।
चेयरमैन एसडी अरोड़ा ने बताया कि पर्यावरण को संतुलित करने का एक सरल एवं सस्ता उपाय है कि ज्यादा से ज्यादा पेड़-पौधे लगाए जाएं। हमारी समिति अपने ही पैसों से पेड़-पौधे लगा रही है और शहर के कुछ सज्जन पुरुषों ने पेड़-पौधे लगाने के लिए समिति को दान देकर पुण्य कमाया है।