{"vars":{"id": "123258:4912"}}

Himachal Police Employee Recovery: अंगदान ने बचाई पुलिसकर्मी की जान, पीजीआई के डॉक्टरों ने की जटिल सर्जरी

हिमाचल प्रदेश पुलिस के कर्मचारी राकेश को पीजीआईएमईआर में सफल लिवर ट्रांसप्लांट के बाद नई जिंदगी मिली है। दो साल से वे अंग का इंतजार कर रहे थे।

 

चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर (PGIMER) में एक जटिल और सफल लिवर ट्रांसप्लांट के जरिए हिमाचल प्रदेश पुलिस के कर्मचारी राकेश को नई जिंदगी मिली है। करीब दो वर्षों से उपयुक्त लिवर मिलने का इंतजार कर रहे राकेश का मृत दाता से प्राप्त लिवर के साथ सफल प्रत्यारोपण किया गया। सर्जरी के बाद उनकी हालत पूरी तरह स्थिर रही और स्वस्थ होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जिससे वे अब अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं।

🩺 विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने की जटिल सर्जरी

राकेश का यह महत्वपूर्ण लिवर ट्रांसप्लांट पीजीआईएमईआर के जनरल सर्जरी विभाग और हेपेटोलॉजी विभाग की संयुक्त टीम द्वारा किया गया। यह पूरी प्रक्रिया प्रोफेसर एल. कमान, डॉ. सुनील तनेजा और डॉ. स्वप्नेश साहू के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। अस्पताल के चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर अंगदान और ट्रांसप्लांट के बाद की बेहतरीन देखभाल ने इस सफल परिणाम को संभव बनाया है।

🕊️ दाता परिवार के संवेदनशील फैसले से मिली जीवन की नई आस

इस सफल चिकित्सा के पीछे एक ऐसे परिवार का साहस और उदारता जुड़ी है जिन्होंने अपने सबसे कठिन समय में अंगदान जैसा महान निर्णय लिया। अस्पताल से घर लौटने के बाद राकेश और डॉक्टरों ने दाता परिवार के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त की। चिकित्सकों ने उम्मीद जताई है कि यह मामला समाज में मृत अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और अन्य लोगों को प्रेरित करने में एक बड़ी मिसाल बनेगा।