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Professor Vivek Lal on BLS Training: आपात स्थिति के शुरुआती मिनट होते हैं बेहद अहम, चंडीगढ़ में शुरू हुआ जीवन रक्षक अभियान

चंडीगढ़ में पीजीआईएमईआर और सिटिजन्स फाउंडेशन ने बेसिक लाइफ सपोर्ट अभियान की शुरुआत की है, जिससे नागरिक आपात स्थिति में जान बचा सकें।
 

चंडीगढ़ : चंडीगढ़ सिटिजन्स फाउंडेशन ने स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (पीजीआईएमईआर), चंडीगढ़ के सहयोग से बेसिक लाइफ सपोर्ट यानी प्राथमिक जीवन रक्षक सहायता अभियान की शुरुआत की है। इस सामुदायिक अभियान का उद्देश्य चंडीगढ़ क्षेत्र के आम नागरिकों को हृदय संबंधी आपात स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया देने और किसी व्यक्ति का जीवन बचाने के लिए आवश्यक प्राथमिक कौशल से प्रशिक्षित करना है।

‘मौके पर मौजूद व्यक्ति बचा सकता है जान’ नाम से शुरू किए गए इस अभियान का शुभारंभ पंचकूला स्थित शिवालिक कंट्री क्लब में पीजीआईएमईआर के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने मुख्य अतिथि के रूप में किया। अभियान के माध्यम से अस्पतालों तक सीमित जीवन रक्षक तकनीकों और हृदय-पुनर्जीवन प्रक्रिया की जानकारी को आम नागरिकों और समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।

हर नागरिक को बनना होगा जीवन रक्षक
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो. विवेक लाल ने सैनिकों, चिकित्सकों और आम नागरिकों की जिम्मेदारी की तुलना करते हुए कहा कि जिस प्रकार सैनिक हमेशा देश की रक्षा के लिए ड्यूटी पर रहते हैं, उसी प्रकार चिकित्सक भी जीवन बचाने के लिए सदैव तत्पर रहते हैं। इसी तरह इस अभियान के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को यह समझना होगा कि जब किसी व्यक्ति का जीवन खतरे में हो तो वह भी अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार रहे।

उन्होंने हृदयाघात से होने वाली मौतों में बढ़ोतरी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि चिकित्सा तकनीक, जांच सुविधाओं और दवाओं में लगातार प्रगति के बावजूद हृदयाघात के कारण होने वाली मौतें चिंता का विषय बनी हुई हैं। इससे भी अधिक चिंताजनक बात यह है कि कम उम्र के लोगों में भी ऐसी आपात स्थितियों के मामले बढ़ रहे हैं।

प्रो. लाल ने चंडीगढ़ सिटिजन्स फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि PGIMER इस अभियान को विशेषज्ञता और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगा। इसका उद्देश्य चिकित्सा संस्थानों में उपलब्ध जीवन बचाने वाले ज्ञान को सीधे नागरिकों और समुदायों तक पहुंचाना है।

आपात स्थिति के शुरुआती मिनट बेहद अहम
PGIMER के पूर्व निदेशक एवं पद्म भूषण से सम्मानित प्रो. के.के. तलवार, जो इस अभियान की परिकल्पना के प्रमुख सूत्रधार हैं, ने जीवन बचाने में समय पर दी जाने वाली प्राथमिक सहायता के महत्व को समझाया।

उन्होंने कहा कि हृदयाघात जैसी आपात स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। चिकित्सकीय सहायता पहुंचने से पहले यदि मौके पर मौजूद व्यक्ति को प्राथमिक जीवन रक्षक तकनीकों की जानकारी हो और वह सही तरीके से सहायता कर सके तो मरीज की जान बचाने में महत्वपूर्ण मदद मिल सकती है। उन्होंने कहा कि यह अभियान इसी तरह आयोजित होने वाली प्रशिक्षण कार्यशालाओं की पहली कड़ी है। चंडीगढ़ सिटिजन्स फाउंडेशन इस अभियान को पूरे चंडीगढ़ क्षेत्र में व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।

स्कूल-कॉलेज और आवासीय समितियों तक पहुंचेगा अभियान
अभियान के तहत चंडीगढ़ त्रिसिटी क्षेत्र के स्कूलों, महाविद्यालयों और आवासीय कल्याण समितियों में भी इसी प्रकार के जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य धीरे-धीरे ऐसे नागरिकों का व्यापक समूह तैयार करना है, जो किसी हृदय संबंधी आपात स्थिति में प्रशिक्षित प्रथम प्रतिक्रिया देने वाले व्यक्ति की भूमिका निभा सकें।

चंडीगढ़ सिटिजन्स फाउंडेशन की शासी परिषद की सदस्य श्रीमती केशनी आनंद अरोड़ा, जो इस अभियान का संचालन कर रही हैं, ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और अभियान के सामुदायिक उद्देश्य की जानकारी दी।
फाउंडेशन की उपाध्यक्ष श्रीमती विनी महाजन ने संस्था की गतिविधियों और नागरिक केंद्रित पहलों की जानकारी दी। वहीं पीजीआईएमईआर के संज्ञाहरण एवं गहन चिकित्सा विभाग की प्रमुख प्रो. काजल जैन ने प्राथमिक जीवन रक्षक सहायता प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।

पांच केंद्रों पर कराया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण
PGIMER की विशेषज्ञ टीम ने प्राथमिक जीवन रक्षक सहायता जागरूकता पाठ्यक्रम का संचालन किया। प्रशिक्षण कार्यक्रम की जिम्मेदारी प्रो. काजल जैन, प्रो. प्रीति मैथ्यू और प्रो. जीतिंदर मक्कर ने संभाली।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को किसी व्यक्ति के अचानक गिरने की स्थिति को पहचानने, उसकी स्थिति का तत्काल आकलन करने और छाती पर सही तरीके से दबाव देकर हृदय-पुनर्जीवन प्रक्रिया करने की जानकारी दी गई। इसके साथ ही स्वचालित बाह्य हृदय-विद्युत झटका उपकरण के उचित इस्तेमाल की जानकारी भी दी गई।

इसके बाद पांच प्रशिक्षण केंद्रों पर प्रतिभागियों को व्यावहारिक अभ्यास कराया गया। पंचकूला के सेक्टर-6 एमडीसी क्षेत्र के निवासियों ने प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी की और पीजीआईएमईआर के चिकित्सकों के मार्गदर्शन में जीवन रक्षक तकनीकों का प्रत्यक्ष अभ्यास किया।

नागरिकों का तैयार होगा जीवन रक्षक नेटवर्क
अभियान का व्यापक उद्देश्य चंडीगढ़ क्षेत्र में ऐसे प्रशिक्षित और आत्मविश्वासी नागरिकों का नेटवर्क तैयार करना है, जो जानलेवा आपात स्थिति के दौरान बिना समय गंवाए उचित कदम उठा सकें।

चंडीगढ़ सिटिजन्स फाउंडेशन और पीजीआईएमईआर का प्रयास है कि हृदय-पुनर्जीवन प्रक्रिया और प्राथमिक जीवन रक्षक सहायता को केवल चिकित्साकर्मियों तक सीमित न रखकर आम नागरिकों के लिए भी जरूरी जीवन कौशल बनाया जाए। अभियान का संदेश है कि अस्पताल और चिकित्सकीय सहायता पहुंचने से पहले मौके पर मौजूद व्यक्ति की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। सही जानकारी और समय पर उठाया गया कदम किसी व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है।

आवासीय समितियां करा सकती हैं प्रशिक्षण कार्यक्रम
जो आवासीय कल्याण समितियां अपने क्षेत्र के निवासियों के लिए इस तरह का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कराना चाहती हैं, वे चंडीगढ़ सिटिजन्स फाउंडेशन के अतिरिक्त निदेशक कर्नल जी.एस. चड्ढा से 9630394050 पर संपर्क कर सकती हैं। इसके अलावा chandigarhcitizensfoundation@gmail.com पर ई-मेल के माध्यम से भी संपर्क किया जा सकता है।

कार्यक्रम के अंत में चंडीगढ़ सिटिजन्स फाउंडेशन के अतिरिक्त निदेशक कर्नल जी.एस. चड्ढा ने सभी अतिथियों, विशेषज्ञ चिकित्सकों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।