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जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी, पीएम मोदी ने की जींद और कृष्ण मिड्ढा की तारीफ

पीएम नरेंद्र मोदी ने जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इस ऐतिहासिक आयोजन के साथ ही हरियाणा राजनीति और डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्ढा के नेतृत्व पर जानिए पूरी रिपोर्ट।

 

चंडीगढ़:   हरियाणा की राजनीति में कई बार ऐसे अवसर आते हैं, जो केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं रहते, बल्कि भविष्य की राजनीतिक दिशा भी तय करते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जींद दौरा और देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाने का ऐतिहासिक अवसर भी ऐसा ही एक पड़ाव साबित हुआ।

विकास, आधुनिक तकनीक और हरित परिवहन का संदेश देने वाले इस आयोजन ने राजनीतिक दृष्टि से भी कई नए संकेत दिए। इनमें सबसे अधिक चर्चा हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर एवं जींद से लगातार तीसरी बार विधायक कृष्ण मिड्ढा की रही, जिनकी संगठनात्मक क्षमता और नेतृत्व कौशल इस पूरे आयोजन के दौरान खुलकर सामने आया।

प्रधानमंत्री की विशाल जनसभा को सफल बनाना किसी भी नेता के लिए आसान चुनौती नहीं होती। हजारों कार्यकर्ताओं का समन्वय, प्रशासन के साथ तालमेल, सुरक्षा व्यवस्था, जनसंपर्क, मंच संचालन और कार्यक्रम की सूक्ष्म तैयारियां—इन सभी मोर्चों पर कृष्ण मिड्ढा लगातार सक्रिय दिखाई दिए। यही कारण रहा कि कार्यक्रम के सफल आयोजन की चर्चा केवल भाजपा संगठन तक सीमित नहीं रही, बल्कि राजनीतिक हलकों में भी इसे मिड्ढा की बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा गया।

जींद से प्रदेश की राजनीति तक मजबूत होती पकड़
जींद लंबे समय से हरियाणा की राजनीति का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। यह क्षेत्र जाट राजनीति के प्रभाव वाला इलाका माना जाता रहा है और यहां से प्रदेश को अनेक प्रभावशाली नेता मिले हैं। ऐसे राजनीतिक माहौल में भाजपा के लिए मजबूत आधार तैयार करना आसान नहीं था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में तस्वीर बदली है।

कृष्ण मिड्ढा ने लगातार तीन विधानसभा चुनाव जीतकर यह साबित किया कि राजनीतिक सफलता केवल जातीय समीकरणों से तय नहीं होती, बल्कि जनता के विश्वास, निरंतर संपर्क और संगठनात्मक मजबूती से भी हासिल की जा सकती है। यही विश्वास उन्हें हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक पद तक लेकर पहुंचा है।

संगठन क्षमता बनी सबसे बड़ी ताकत
प्रधानमंत्री की सभा में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बावजूद पूरे कार्यक्रम में अनुशासन और बेहतर व्यवस्थाएं देखने को मिलीं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इतने बड़े आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराना किसी भी जनप्रतिनिधि की नेतृत्व क्षमता का बड़ा प्रमाण होता है।


कृष्ण मिड्ढा ने केवल प्रशासनिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच भी प्रभावी समन्वय स्थापित किया। बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी ने यह संकेत दिया कि संगठन पर उनकी पकड़ लगातार मजबूत हुई है। बड़े राजनीतिक आयोजनों के सफल संचालन की यही क्षमता भविष्य में उनके राजनीतिक सफर को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है।

मोदी ने साझा कीं पुराने दिनों की यादें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में हरियाणा से जुड़े पुराने अनुभवों को साझा कर सभा को भावनात्मक रंग भी दिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा भाजपा के प्रभारी के रूप में बिताया गया समय उनके जीवन का महत्वपूर्ण अध्याय रहा है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि जींद में बैठे अनेक चेहरे आज भी उन्हें पहचानते हैं।

एक समय ऐसा था जब वे स्कूटर पर पूरे हरियाणा का दौरा करते थे और संगठन को मजबूत बनाने के लिए गांव-गांव पहुंचते थे। उस दौर में वर्तमान केंद्रीय मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी कई यात्राओं में उनके साथ रहते थे। प्रधानमंत्री की इन यादों ने कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह का माहौल बना दिया।

जींद की पहचान का किया उल्लेख
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में जींद की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जींद की मुर्रा भैंस, दूध, दही, घी और घेवर की पहचान पूरे देश में है।

उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वर्षों बाद भी जींद का घी और घेवर तो वैसा ही स्वादिष्ट है, लेकिन यहां के तेवर बदल गए हैं। आज यह क्षेत्र विकास, आधुनिक सोच और सुशासन की नई पहचान बन रहा है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के कारण हरियाणा विकास की नई गति प्राप्त कर रहा है।

हाइड्रोजन ट्रेन से इतिहास में दर्ज हुआ जींद
इस दौरे का सबसे बड़ा आकर्षण देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ रहा। प्रधानमंत्री ने इसे भारत के हरित परिवहन अभियान की ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि जिस प्रकार देश में पहली रेल मुंबई और ठाणे के बीच चलने का इतिहास हमेशा याद रखा जाता है, उसी प्रकार अब देश में जब भी हाइड्रोजन ट्रेन का उल्लेख होगा, तब जींद और सोनीपत का नाम भी गर्व के साथ लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक परिवहन और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

विरासत और आस्था को भी दिया सम्मान
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में विकास के साथ-साथ जींद की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का भी उल्लेख किया। उन्होंने महाराजा रणजीत सिंह, पांडवों से जुड़े पवित्र स्थल पांडू पिंडारा और क्षेत्र की धार्मिक परंपराओं का स्मरण करते हुए कहा कि सरकार आधुनिक विकास के साथ-साथ देश की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए भी समान रूप से प्रतिबद्ध है।

उन्होंने सिख विरासत को संरक्षित करने के लिए विकसित किए जा रहे संग्रहालयों का भी उल्लेख किया और कहा कि आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास और संस्कृति से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।

राजनीतिक संदेश भी छोड़ गया आयोजन
जींद का यह ऐतिहासिक आयोजन केवल विकास परियोजनाओं का मंच नहीं रहा, बल्कि इसने हरियाणा की राजनीति में भी महत्वपूर्ण संदेश दिए। प्रधानमंत्री की मौजूदगी में सफल आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि कृष्ण मिड्ढा अब केवल अपने विधानसभा क्षेत्र तक सीमित नेता नहीं रहे, बल्कि भाजपा संगठन के भरोसेमंद और प्रभावी चेहरों में उनकी गिनती होने लगी है।

लगातार तीन चुनावी जीत, विधानसभा के डिप्टी स्पीकर का दायित्व, संगठन पर मजबूत पकड़ और प्रधानमंत्री की ऐतिहासिक जनसभा के सफल संचालन ने उनके राजनीतिक कद को नई ऊंचाई प्रदान की है। आने वाले समय में हरियाणा भाजपा की राजनीति में उनकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होती दिखाई दे रही है।