{"vars":{"id": "123258:4912"}}

सीएससी संचालक की बड़ी चूक: गांव राजू पाना की रुकी ग्रांट, विकास कार्य ठप

सीएससी संचालक की गलती से राजू पाना पंचायत की ग्रांट पिछले 3.5 साल से बंद। सरपंच को अपनी जेब से खर्च करने पड़ रहे हैं लाखें रुपये। जानें क्या है पूरा मामला।

 

चांग। सीएससी संचालक की गलती के कारण गांव कलिंगा के राजू पाना की पंचायत में ग्रांट आनी बंद हो गई है। गांव के सरपंच को अपनी जेब से खर्च करके विकास कार्य करवाने पड़ रहे हैं। पिछले साढ़े तीन साल में एचआरडीएफ के तहत राजू पाना ग्राम पंचायत को 26 लाख रुपये की ग्रांट जारी हुई है। इसमें से 16 लाख रुपये पंचायत के कार्यकाल के दौरान जारी हुए हैं।

सरपंच प्रतिनिधि रमेश ने बताया कि गांव में करीब 34 लाख रुपये अपने जेब से खर्च करते हुए गली निर्माण और तालाब की पगडंडी बनवाई है। उन्होंने बताया कि जब वे सरपंच बने तो गांव में रिकॉर्ड विकास कार्य करवाने की सोची थी। लेकिन ग्रांट नहीं मिलने के कारण गांव में बहुत से विकास कार्य नहीं करवा पा रहे हैं।

ग्रांट रुकने का कारण
रमेश ने बताया कि राजू पाना की ग्राम पंचायत में सीएससी सेंटर नहीं है। इसलिए अमरू पाना और सवाई पाना में लोगों ने अपनी फैमिली आईडी बनवाई थी। सीएससी संचालक ने राजू पाना के लोगों को अमरू पाना और सवाई पाना में पंजीकृत कर दिया। इसके बाद से ग्राम पंचायत का आधे से ज्यादा हिस्सा अमरू और सवाई पाना में दिख रहा है। इस कारण गांव में पिछले सालों से ग्रांट नहीं आ रही है।

समाधान के प्रयास
उन्होंने बताया कि गांव के विकास कार्य के लिए हल्का विधायक कपूर वाल्मीकि से मिले हैं। विधायक ने गांव में विकास कार्य के लिए ग्रांट देने का आश्वासन दिया है। सरपंच प्रतिनिधि रमेश ने बताया कि एक सीएससी संचालक की गलती के कारण गांव में ना के बराबर ग्रांट मिल रही है। उन्होंने बताया कि इस समस्या के बारे में बीडीपीओ से लेकर डीसी को शिकायत दे चुके हैं। लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है।