रेवाड़ी: स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने प्रोटोकॉल विवाद पर तोड़ी चुप्पी
रेवाड़ी में 30 नई एंबुलेंसों को हरी झंडी दिखाते हुए स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने प्रोटोकॉल विवाद पर बड़ी बात कही। पढ़ें अहीरवाल की राजनीति का पूरा अपडेट।
रेवाड़ी: हरियाणा की स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान तथा आयुष मंत्री आरती सिंह राव ने 30 आधुनिक एंबुलेंसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस मौके पर बावल विधायक कृष्ण कुमार, कोसली विधायक अनिल यादव, रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण सिंह यादव, भाजपा जिला अध्यक्ष वंदना पोपली भी मौजूद रहें. इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने प्रोटोकॉल के बारे में खुलकर अपनी बात कही. उन्होंने कहा कि प्रोटोकॉल को कंट्रेवर्सी बनाने की कोशिश ना करें.
प्रोटोकॉल के मुद्दे पर आरती राव ने क्या कहा? स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि "प्रोटोकॉल, प्रोटोकॉल होता है. ये पहले से चलता आ रहा है. ये अभी भी चलता रहेगा. प्रोटोकॉल के मायने होते हैं. प्रोटोकॉल नहीं, तो फिर कोई फायदा नहीं. ये जवाबदेही उनसे होनी चाहिए, प्रोटोकॉल क्यों नहीं रखा गया. एडमिशस्ट्रेशन की बात करूं, तो प्रोटोकॉल होता है. काम भी जरूरी है और हेल्थ में विशेषकर."
एंबुलेंस ड्राइवरों की शिकायतों पर दिया जवाब: एंबुलेंस ड्राइवरों की शिकायतों और मांग पर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रदेश में बहुत सारी कंप्लेटस आज रही हैं. अगर कंप्लेंटस पर गए, तो बहुत से ड्राइवर घर बैठ जाएंगे. काम करके दिखाओ पहले. ये इतनी एंबुलेंस हैं, चलानी भी तो हैं.
क्या है पूरा मामला? बावल के एग्रीकल्चर कॉलेज में 30 जून को खेत बचाओ कार्यक्रम हुआ. हरियामा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस कार्यक्रम में शिरकत की. केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, तीनों विधायक और मंडल अध्यक्ष एवं जिला कार्यकारिणी के कई पदाधिकारी और सरकारी पदों पर बैठे लोग इस कार्यक्रम में नहीं पहुंचे थे. जिससे अहीरवाल की राजनीति में हंगामा हो गया.
बीजेपी में कुछ ठीक नहीं? इससे पहले 6 जून को धारूहेड़ा नगर पालिका चेयरमैन और पार्षदों का शपथ ग्रहण कार्यक्रम हुआ. जिसमें स्थानीय विधायल लक्ष्मण सिंह नहीं पहुंचे. जिससे भाजपा की अदरूनी राजनीति में खींचतान की चर्चाओं को और हवा दे दी. वहीं 2 जुलाई को जिला परिषद के उद्घाटन और शिलान्यास में सांसद के साथ स्वास्थ्य मंत्री आरती राव और ग्राम सचिव तक के नाम थे, परंतु स्थानीय विधायक लक्ष्मण सिंह का नाम गायब था.
राव इंद्रजीत ने क्या कहा? शपथ ग्रहण के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि "यदि मैं और बावल विधायक कार्यक्रम में नहीं पहुंचे, तो किसी को क्या परेशानी. सोशल मीडिया पर कार्यक्रम से 2 दिन पहले से जो निमंत्रण पत्र चल रहा था. आज तक हमको मिला नहीं है. उन्होंने प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया. हमने जहां अपनी बात कहनी थी वहां कह दी."
बीजेपी विधायक ने भी दी सफाई: शपथ ग्रहण कार्यक्रम में नहीं पहुंचने के सवाल पर विधायक लक्ष्मण सिंह ने कहा था कि "उन्हें प्रशासन और पार्टी की तरफ से कोई निमंत्रण नहीं मिला. तबीयत खराब होने के कारण कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाए. इससे पहले वह विधानसभा कमेटी के साथ गुजरात दौरे पर थे. जिस कारण सीएम के कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाए थे." पार्टी के जिला महामंत्री ने कार्यक्रम से गैरहाजिर रहे मंडल अध्यक्षों को 1 जुलाई को नोटिस भेजा. जिसमें नोटिस मिलने के एक दिन के भीतर जवाब मांगा गया.