रोहतक में 12 हजार रिश्वत लेते HKRN का डाटा एंट्री ऑपरेटर गिरफ्तार, ACB की बड़ी कार्रवाई
रोहतक में हरियाणा स्टेट विजिलेंस (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ड्रग लाइसेंस के नाम पर 12 हजार रुपये रिश्वत लेते HKRN ऑपरेटर को रंगे हाथ अरेस्ट किया।
रोहतक: हरियाणा स्टेट विजिलेंस एवं एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड के तहत कार्यरत एक डाटा एंट्री ऑपरेटर को 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है. आरोपी ड्रग लाइसेंस की फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर रिश्वत मांग रहा था. एसीबी ने स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में ट्रैप कार्रवाई को अंजाम दिया.
ड्रग लाइसेंस की फाइल के बदले मांगी रिश्वत: एसीबी के अनुसार रोहतक जिले के टिटौली गांव निवासी शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने डी-फार्मा का कोर्स करने के बाद अपने गांव में मेडिकल स्टोर खोलने के लिए 1 जुलाई को जोनल कार्यालय, फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन, रोहतक में ड्रग लाइसेंस के लिए आवेदन किया था. जब वह अपनी फाइल की प्रगति जानने कार्यालय पहुंचा तो वहां तैनात डाटा एंट्री ऑपरेटर विनय ने फाइल निकलवाने और आगे बढ़ाने के एवज में 15 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की.
शिकायत मिलते ही एसीबी ने बिछाया जाल: शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन ब्यूरो ने मामले की जांच कर ट्रैप टीम का गठन किया. योजनाबद्ध कार्रवाई के तहत आरोपी को 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया. कार्रवाई पूरी पारदर्शिता के साथ स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में की गई. गिरफ्तारी के बाद आरोपी को पूछताछ के लिए एसीबी थाना ले जाया गया.
सेक्टर-3 में रह रहा था आरोपी: जांच में सामने आया कि आरोपी विनय मूल रूप से रोहतक जिले के बलियाना गांव का रहने वाला है और वर्तमान में रोहतक के सेक्टर-3 में रह रहा था. एसीबी अब यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी पहले भी इस तरह की अवैध वसूली में शामिल रहा है या नहीं. मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो रोहतक के इंस्पेक्टर भगत सिंह ने कहा कि, "शिकायत के आधार पर ट्रैप कार्रवाई की गई. आरोपी को 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है. उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा-7 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है."