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Rohtak Court News: 7 साल के मासूम के उज्ज्वल भविष्य के लिए रोहतक कोर्ट का बड़ा फैसला, विधवा मां को मिली जमीन बेचने की मंजूरी

सिविल जज राकेश कादियान की अदालत ने 7 वर्षीय नाबालिग की पढ़ाई के लिए विधवा मां को जमीन बेचने की मंजूरी दी। 75% राशि FD होगी।
 

रोहतक: सिविल जज (सीनियर डिवीजन) राकेश कादियान की अदालत ने शुक्रवार को अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने विधवा मां राखी को उनके नाबालिग बेटे भाविक (7) की पढ़ाई के लिए उसके हिस्से की जमीन बेचने की मंजूरी दी है। यह मंजूरी हिंदू माइनॉरिटी एंड गार्जियनशिप एक्ट के तहत दायर याचिका पर मिली है।

अदालत ने निर्देश दिए कि विक्री से प्राप्त कुल राशि का 75 फीसदी हिस्सा सावधि जमा में जमा रहेगा। यह राशि नाबालिग के बालिग होने तक बैंक में रहेगी। इसे अदालत की अनुमति के बिना नहीं निकाला जा सकेगा। सांपला तहसील के गांव नया बांस निवासी राखी को पति ओमबीर के निधन के बाद यह जमीन विरासत में मिली थी। ओमबीर का निधन 12 अगस्त 2019 को हुआ था। उनके ससुर रणधीर सिंह का देहांत 19 मार्च 2022 को हुआ। विरासत में  नया बांस स्थित कृषि भूमि का हिस्सा राखी और उनके बेटे भाविक को मिला। विभाजन के बाद दोनों के नाम कुल 28 कनाल 1 मरला जमीन में हिस्सा आया।  

मां की नहीं है नियमित आमदनी
याचिकाकर्ता राखी ने अदालत में दलील दी कि जमीन का हिस्सा बहुत छोटा है और खेती योग्य नहीं है। परिवार में कोई वयस्क पुरुष सदस्य नहीं है जो खेतों की देखभाल कर सके। जमीन पर कब्जे का भी डर बना रहता है। मां की नियमित आमदनी नहीं है इसलिए बेटे भाविक की अच्छी पढ़ाई के लिए धन की जरूरत बेटा यूकेजी कक्षा में पढ़ रहा है।

नाबालिग के कल्याण व पढ़ाई के लिए होगा पैसों का उपयोग
अदालत ने अखबार में सूचना प्रकाशित करवाई थी जिस पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं हुई। सबूतों और दस्तावेज जैसे जमाबंदी, नामांतरण, जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र और विद्यालय शुल्क रसीद का अवलोकन किया। अदालत ने माना कि प्रस्तावित विक्री नाबालिग के हित और लाभ के लिए है। जमीन विक्री से मिलने वाले पैसों का उपयोग केवल नाबालिग के कल्याण, पढ़ाई के लिए होगा। बेची जमीन की राशि का 75% हिस्सा एफडी के रूप में बच्चे के बालिग है। होने तक बैंक में जमा रहेगा। इसे अदालत की अनुमति के बिना नहीं निकाला जा सकेगा।