Rohtak Politics Update: सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने की दिशा बैठक की अध्यक्षता, मेट्रो विस्तार और वोट कटौती पर उठाए गंभीर सवाल
रोहतक में दिशा बैठक की अध्यक्षता के बाद सांसद दीपेंद्र हुड्डा का बड़ा हमला। 12 साल में विकास कार्य न होने, MSP और 5 लाख करोड़ कर्ज पर सरकार को घेरा।
रोहतक। कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने शुक्रवार को रोहतक में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। लगभग छह घंटे से अधिक समय तक चली इस समीक्षा बैठक में उन्होंने जिलेभर में चल रहे विकास कार्यों की विभागवार बारीकी से समीक्षा की। इस दौरान विभिन्न परियोजनाओं में हो रही अनावश्यक देरी पर सख्त नाराजगी जताते हुए उन्होंने अधिकारियों से प्रगति रिपोर्ट मांगी। बैठक में रोहतक के विधायक भारत भूषण बतरा, कलानौर की विधायक शकुंतला खटक और महम के विधायक बलराम दांगी भी विशेष रूप से मौजूद रहे।
🌾 धान और बाजरे की खरीद पर सरकार को घेरा: 'हरियाणा के किसानों को नहीं मिल पा रहा फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य'
दिशा बैठक के उपरांत पत्रकारों से बातचीत करते हुए सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने हरियाणा की अनाज मंडियों में किसानों को आ रही व्यावहारिक समस्याओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार के बड़े-बड़े दावों के बावजूद किसानों को धान और बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) नहीं मिल रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे अन्य राज्यों में जाकर हर फसल पर एमएसपी देने के दावे करते हैं, जबकि स्वयं हरियाणा में किसान अपनी फसल बेचने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। इसके साथ ही उन्होंने प्रति एकड़ खरीद की सीमा तय करने और नमी का बहाना बनाकर फसल रिजेक्ट करने की शर्त पर भी कड़ा विरोध दर्ज कराया।
📉 प्रदेश पर 5 लाख करोड़ रुपये के कर्ज का उठाया मुद्दा: '12 साल में भाजपा सरकार ने नहीं किया मेट्रो का 1 इंच भी विस्तार'
हरियाणा की वर्तमान आर्थिक स्थिति और बुनियादी ढांचे पर चिंता व्यक्त करते हुए दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि साल 2014 तक राज्य पर कुल कर्ज करीब 65 हजार करोड़ रुपये था, जो अब खतरनाक स्तर पर बढ़कर 5 लाख करोड़ रुपये के पार पहुँच गया है। उन्होंने कांग्रेस शासनकाल की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान 82 किलोमीटर लंबे मेट्रो नेटवर्क का निर्माण हुआ और चार प्रमुख शहरों को मेट्रो से जोड़ा गया था, जबकि भाजपा के 12 साल के शासन में मेट्रो का एक इंच भी विस्तार नहीं हो सका। इसके साथ ही उन्होंने हरियाणा में वोट कटौती का मुद्दा उठाते हुए लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी मांग दोहराई।