Omprakash Speech: 'प्रेम विवाह में माता-पिता की सहमति हो जरूरी'—इस्माईला खाप पंचायत में समाज सुधार और फिजूलखर्ची पर मंथन
हरियाणा के रोहतक जिले के इस्माईला गांव स्थित राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल परिसर में शनिवार को सर्व-खाप महापंचायत का आयोजन किया गया। इस महापंचायत में विभिन्न खापों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने हिस्सा लेकर लिव-इन रिलेशनशिप और समगोत्र (एक ही गोत्र में) विवाह की बढ़ती प्रवृत्तियों पर अपनी गंभीर चिंता और कड़ा विरोध व्यक्त किया।
पंचायत की अध्यक्षता गांव के सबसे बुजुर्ग ओमप्रकाश ने की। उन्होंने समाज को संबोधित करते हुए कहा कि प्रेम विवाह या किसी भी प्रकार के विवाह में माता-पिता और अभिभावकों की सहमति अत्यंत आवश्यक होनी चाहिए, क्योंकि बिना सामाजिक और पारिवारिक सहमति के हो रहे ऐसे रिश्तों से हमारा पारंपरिक सामाजिक ताना-बाना बुरी तरह बिगड़ रहा है।
📜 कानूनों में संशोधन की पुरानी मांग; मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी की जा चुकी है मुलाकात
खाप पंचायत के प्रवक्ताओं ने बताया कि खाप पंचायतें लंबे समय से संबंधित विवाह कानूनों में आवश्यक संशोधन करने या समाज विरोधी प्रावधानों को निरस्त करने की मांग करती आ रही हैं:
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मुख्यमंत्री से गुहार: इस संबंध में खाप प्रतिनिधियों का एक शिष्टमंडल पूर्व में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर अपनी मांगों का ज्ञापन भी सौंप चुका है।
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यूपी मॉडल की सराहना: खाप प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से विवाह नियमों में किए गए हालिया संशोधनों का खुलकर स्वागत किया।
उत्तर प्रदेश सरकार के संशोधन में विवाह के लिए माता-पिता की सहमति अनिवार्य करने तथा विवाह संपन्न कराने वाले व्यक्ति/पंडित की तस्दीक (सत्यापन) का कानूनी प्रावधान किया गया है। खाप प्रतिनिधियों ने हरियाणा सरकार से भी त्वरित संज्ञान लेते हुए राज्य में इसी तर्ज पर कड़ा कानून बनाने की अपील की।
🚫 नशे के खिलाफ हल्ला बोल और फिजूलखर्ची रोकने के लिए सामाजिक सुधार के प्रस्ताव
इस्माईला की खाप पंचायत में केवल वैवाहिक नियमों पर ही नहीं, बल्कि गांवों में फैल रही सामाजिक बुराइयों पर भी गहन मंथन हुआ और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए:
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नशे पर पूरी तरह रोक: खाप ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास करते हुए गांवों में बढ़ रहे नशे के कारोबार और लत के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की।
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दिन में विवाह समारोह: विवाह समारोहों को रात के बजाय दिन के समय आयोजित करने का सुझाव दिया गया, ताकि फिजूलखर्ची और देर रात होने वाले हादसों व विवादों पर रोक लगाई जा सके।
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फिजूलखर्ची पर लगाम: शादी-ब्याह में दिखावे और बेहिसाब खर्चों पर लगाम लगाने के लिए सामाजिक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया गया।