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Sirsa Court Verdict: रानियां के चर्चित लखबीर हत्याकांड में मुख्य आरोपी को दोहरी उम्रकैद

Sirsa Murder Case: सिरसा के संतनगर में 7 साल पहले हुए लखबीर सिंह मर्डर केस में मुख्य आरोपी सफाक को दोहरी उम्रकैद। कुल्हाड़ी और खून से सने कपड़े बने मुख्य सबूत।

 

सिरसा सिरसा के रानियां थाना क्षेत्र स्थित संतनगर में 7 । साल पहले हुए चर्चित लखबीर सिंह हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायालय ने मुख्य आरोपी बिहार के पूर्णिया निवासी सफाक को हत्या और आपराधिक साजिश का दोषी ठहराते हुए दोहरी उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। दोषी को सिरसा जेल भेज दिया गया। इससे पहले इसी मामले में सह-आरोपी शंकर, राधेश्याम और उमेश को 31 जनवरी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है।

5 दिसंबर 2019 की रात कोठे पर उतारा था मौत के घाट
अभियोजन पक्ष और पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, पंजाब का रहने वाला लखबीर सिंह सिरसा के संतनगर इलाके में मजदूरों के साथ खेतों में काम करता था। 5 दिसंबर 2019 की काली रात को लखबीर खेत में बने कोठे (कमरे) के पास सो रहा था। इसी दौरान आरोपियों ने पुरानी रंजिश या आपराधिक साजिश के तहत सोते हुए लखबीर पर कुल्हाड़ी और अन्य तेजधार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस बर्बर हमले में लखबीर की मौके पर ही मौत हो गई थी।

खून से सने कपड़े और हथियार बने पुख्ता सबूत
वारदात के बाद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए जांच शुरू की थी। मुख्य आरोपी सफाक की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी, तेजधार हथियार और वारदात के वक्त पहने गए खून से सने कपड़े बरामद किए थे। फॉरेंसिक रिपोर्ट और इन पुख्ता वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सफाक को लखबीर की हत्या का मुख्य सूत्रधार माना और उसे इस खौफनाक अंजाम तक पहुंचाया।