सिरसा: बिजली करंट से 2 युवकों की दर्दनाक मौत, बिजली निगम पर लापरवाही का आरोप
सिरसा के गांव में 11 हजार वोल्टेज लाइन की चपेट में आने से दो दोस्तों की मौत। चारा काटते समय हुआ हादसा, परिजनों ने बिजली विभाग के खिलाफ FIR की मांग की।
सिरसा : बिजली की 11 हजार वोल्टेज लाइन का करंट लगने से 2 युवकों की मौत हो गई। दोनों गहरे दोस्ते थे और पशुओं के लिए मशीन से चारा काट रहे थे। खेत में बिजली की तारें काफी नीचे से गुजर रही हैं, जिनके छुने से करंट आ गया। दोस्त को बचाते समय दूसरा युवक भी चपेट में आ गया। परिजनों ने बिजली निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया और अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही खेत मालिक व ठेकेदार पर सप्लाई कटवाने की कहकर गुमराह करने का आरोप लगाया है। सूचना पर परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस बुलाई गई। पुलिस ने दोनों के शव को अपने कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिए हैं और घटनास्थल का जायजा लेने मौके पर पहुंची।
हादसा गांव संगर और बुर्जकर्मगढ के पास हुआ और दोनों मृतक रोड़ी के रहने वाले हैं। इनमें 19 वर्षीय देवेंद्र सिंह और 19 वर्षीय दलजीत सिंह शामिल है। परिजनों ने बताया कि बुर्जकर्मगढ़ में नागोकी के हिमांशु मेहता का खेत है और नागोकी के ही ठेकेदार जसमीत सिंह ने करीब 4-5 एकड़ में मक्की चारा काटने का ठेका लिया हुआ था। ठेकेदार के कहने पर देवेंद्र और दलजीत सिंह साइलेज मेकर मशीन (चारा बनाने की मशीन) लेकर काम के लिए गए हुए थे।
प्रत्यक्षदर्शी जसप्रीत ने बताया कि देवेंद्र व दलजीत खेत में चारा बनाने का काम कर रहे थे। वहां खेतों में बिजली लाइन बिलकुल नीची है और लाइट भी काटी हुई नहीं थी। देवेंद्र और दलजीत ट्रॉली में चारा डाल रहे थे। उसी समय देवेंद्र और दलजीत जैसे ही ऊपर की ओर खड़े हुए तो बिजली की तारों से भिड़ गए। मौके पर दोनों की मौत हो गई।
सरपंच रोड़ी मेजर सिंह ने बताया कि ट्रॉली में चारा डालने पर ऊपर खड़ा होते समय देवेंद्र की गर्दन तारों से छू गई और उसकी गर्दन पर करंट से गहरा निशान हो गया। दोस्त को देख दलजीत ने तारों से छुटाने की कोशिश की तो उसका हाथ तारों को छू गया। दोनों ही करंट की चपेट में आ गए। बिजली निगम को इस तरह की लाइनें हटाने को पहले भी कहा गया है, पर कोई संज्ञान नहीं लिया। बिजली निगम की लापरवाही से ये हादसा हुआ है। अगर लाइनें ऊंची होती या हटाई गई होती तो यह नौबत नहीं आती। इसलिए बिजली निगम के संबंधित अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज कर जाए।