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Haryana Mandi Scam: अधिक दाम का लालच देकर किसानों और आढ़तियों को लगाया चूना, बाउंस चेक थमाकर दी आत्महत्या की धमकी

सिरसा में आढ़तियों और किसानों से करोड़ों की ठगी। फर्म संचालक शेखर मेहता और मुनीम समेत 3 पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज।
 

सिरसाः हरियाणा के सिरसा में एक आढ़ती ने कई किसानों पर आढ़तियों को करोड़ों रुपए का चूना लगाने का मामला सामने आया है. पीड़ित किसानों और आढ़तियों ने सिरसा सदर थाना में आरोपी आढ़ती के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है और आरोपी आढ़ती के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. इसके साथ ही आरोपी आढ़ती से रुपयों की रिकवरी करने की भी मांग की है.

संचालक सहित 3 पर प्राथमिकीः सिरसा शहर में फर्म संचालक द्वारा ठगी मामले में संचालक और मुनीम सहित 3 पर एफआईआर दर्ज की गई है. शिकायतकर्ताओं ने फर्म संचालक द्वारा पैसे न देने की एवज में आत्महत्या के लिए उकसाने की धमकी दी है. इस पर उन्होंने सख्त कार्रवाई की मांग की है. कुछ किसान और आढ़ती भी सामने आए हैं, जिन्होंने पुलिस को शिकायत दी है.

अधिक दाम के चक्कर में फंसे किसाः अनाज मंडी एसोसिएशन मेंबर और जयदेव-सहदेव ट्रस्ट प्रधान ललित मोहन जैन ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि "शेखर मेहता पुत्र अशोक कुमार फर्म को आढ़तियों ने जरूरत में उसे पैसे दे दिए. इस गेहूं सीजन में किसानों ने अधिक दाम के चक्कर में फसल इसे बेच दी और संचालक ने कम दाम पर आढ़तियों को बेच दी."

17 फर्मों ने भी कोर्ट में दायर की है याचिकाः किसानों को उचंती में बेचकर बाउंस चेक थमा दिए. 15 लाख मेरी फर्म ने उसे दिया था और बाकी आढ़तियों ने भी दो करोड़ के आसपास राशि उसे दे रखी है. दो करोड़ के आसपास किसानों से फसल ले रखी है. फर्म संचालक के मन में लालच आ गया और पांच से सात करोड़ रुपए लेकर चला गया. अब तक 17 फर्मों ने कोर्ट में याचिका दायर की है. फर्म संचालक शेखर मेहता पुत्र अशोक कुमार ने सरकार को सरसों को बेची थी.

कुछ ने आधे पैसे लेकर पीछा छुड़वायाः जमींदारों से भी बहुत ठगी कर दी और कुछ किसानों को डरा-धमकाकर पूरी राशि में आधे पैसे लेकर पीछा छुड़वाया है. जब आढ़ती पैसे मांगने जाते थे तो उनको डराने को धमकी देता कि मेरे पास आने की जरूरत नहीं है और वह आत्महत्या कर लेगा और उसके पास पैसे नहीं है. चेक दे रखे हैं, वो कोर्ट में लगा दो. उसे पुलिस और सरकार का कोई डर नहीं है. इस पर पुलिस को एक्शन लेना चाहिए.

प्रशासन से कार्रवाई की मांगः ललित मोहन जैन ने बताया, फर्म संचालक शेखर को कोई डर नहीं है और वह मंडी से हंसकर चला जाता है कि जैसे कुछ हुआ ही नहीं है. पुलिस को आढ़तियों का साथ देना चाहिए और उसे जल्द पकड़कर अंदर करना चाहिए. प्रशासन इस पर पूरी कार्रवाई करे, ताकि किसी से इस तरह की ठगी न हो. मंडी में आम किसान आते हैं और उनको ठगी का शिकार बनाया जाता है.

क्या है शिकायतकर्ताओं का आरोपः शिकायत में बताया, आढ़ती फर्म प्रभ दयाल अशोक कुमार का संचालन करते हैं और पिछले कई वर्षों से सिरसा जिले में फसली सीजन आने पर फसलों की उचंती खरीद करते हैं. जीत फर्म में बतौर मुनीम काम करता है. पनिहारी के श्री गणेश धर्मकांटा पर फसल का वजन किया जाता है. पुलिस को दी शिकायत में पनिहारी निवासी हरमिंदर, ओमप्रकाश और जलविंद्र ने बताया, फर्म संचालक ने 8.86 लाख की फसल खरीदी थी, जिसमें दो लाख दे दिए और बाकी राशि देने से मना कर दिया. जो चेक दिए थे, वे बाउंस हो गए थे. इसी तरह जलविंद्र से गेहूं की फसल 5.12 लाख में खरीदी की थी. उसे दो लाख रुपए दे दिए और बाकी के चेक दिए तो वे बाउंस हो गए.

आत्महत्या के उकसाने का आरोपः उपरोक्त फर्म द्वारा खरीद की गई गेहूं की फसल, जिसका वजन फर्म द्वारा उपरोक्त वर्णित दो धर्मकांटों पर करवाया गया था, उसकी रसीद की पर्चियां भी है. पहले बकाया राशि एक-दो दिन में देने का आश्वासन दिया और 18 अगस्त को संचालक ने राशि देने से मना कर दिया. उसने आत्महत्या के लिए धमकी दी और उसे जिम्मेदार ठहराने की धमकी दी है.

सोची-समझी साजिश के तहत धोखाधड़ीः आरोप है कि किसानों के साथ सोची-समझी साजिश के तहत आरोपी फर्म ने धोखाधड़ी को अंजाम दिया है. यह बदनियती से देनदारी से बचने को फरार हो सकते हैं. तीन किसानों से 18 लाख से ज्यादा की गेहूं खरीद कर बदले में एक रुपए का भी भुगतान नहीं किया. पनिहारी के सुल्तान से 4.10 लाख की फसल खरीदी और उसमें से दो लाख रुपए दिए और बाकी का चेक दिया, जो बाउंस हो गया.

मामले में जांच जारी:इस मामले में सदर थाना प्रभारी सीमा रानी ने बताया कि जांच जारी है और शिकायत आई हुई है.मामले में 28 अगस्त को सदर थाना पुलिस ने 318(4), 61 (2) बीएनएस की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है. इसकी बैंक से जुड़ी डिटेल जुटाई जा रही है और उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी."