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सिरसा: कुख्यात 'बच्चा गैंग' का गैंगस्टर गौरव गोरू तीन साथियों समेत गिरफ्तार

सिरसा पुलिस ने पंजाब की कुख्यात 'बच्चा गैंग' के सक्रिय गैंगस्टर गौरव शर्मा उर्फ गोरू को गिरफ्तार किया। भारी मात्रा में हथियार और 6 लाख रुपये नकद बरामद।

 

सिरसा: सीआईए सिरसा पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए पंजाब की कुख्यात बच्चा गैंग के सक्रिय गैंगस्टर को उसके दो साथियों सहित गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन अवैध पिस्तौल, 81 जिंदा कारतूस और छह लाख रुपये की संदिग्ध नकदी बरामद की है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे.

गुप्त सूचना पर की गई घेराबंदी: मीडिया से बातचीत के दौरान डीएसपी सुखबीर सिंह ने बताया कि, "पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि डबवाली रोड स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के पास एक फॉर्च्यूनर गाड़ी (HR-22M-0014) में सवार तीन युवक अवैध हथियारों के साथ मौजूद हैं और किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं. सूचना मिलते ही सीआईए सिरसा प्रभारी इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह के नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और तीनों आरोपियों को काबू कर लिया."

तलाशी में हथियार और नकदी बरामद: डीएसपी ने बताया कि, "पुलिस ने आरोपियों की तलाशी लेने पर उनके कब्जे से तीन अवैध पिस्तौल, 81 जिंदा कारतूस और छह लाख रुपये की नकदी बरामद की. बरामद नकदी के स्रोत की भी जांच की जा रही है. पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है."

40 मामलों का आरोपी निकला गैंगस्टर: पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गौरव शर्मा उर्फ गोरू बच्चा निवासी लुधियाना (पंजाब), विकास देहड़ निवासी जोड़कियां (सिरसा) और अंकुश निवासी मंगाली (हिसार) के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार गौरव शर्मा उर्फ गोरू बच्चा पंजाब की बच्चा गैंग का सक्रिय सदस्य है. उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, लूट, डकैती और धमकी जैसे करीब 40 संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं. वह पिछले 13 वर्षों से पंजाब की जेल में बंद था और फिलहाल पैरोल पर बाहर आया हुआ था.

रिमांड में होंगे कई बड़े खुलासे: डीएसपी सुखबीर सिंह ने आगे कहा कि, "प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपी किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे. तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा. रिमांड के दौरान हथियारों की सप्लाई चेन, बरामद नकदी के स्रोत, गैंग के अन्य सदस्यों और संभावित आपराधिक साजिश के संबंध में गहन पूछताछ की जाएगी. मामले में कई महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है और अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है."