{"vars":{"id": "123258:4912"}}

सोनीपत: अंडर-15 एशियाई कुश्ती में निशा मोर ने जीता कांस्य पदक

सोनीपत के लड़सौली गांव की युवा पहलवान निशा मोर ने थाईलैंड में अंडर-15 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता। दिल्ली एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत।

 

सोनीपत: सोनीपत के लड़सौली गांव की युवा पहलवान निशा मोर ने थाईलैंड के पटाया में आयोजित अंडर-15 एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया है. पहली बार किसी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाली निशा ने अपने पहले ही विदेशी दौरे पर पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का शानदार परिचय दिया. दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने पर ग्रामीणों, कोच और साथी पहलवानों ने फूल-मालाएं पहनाकर उनका भव्य स्वागत किया.

दिल्ली एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत: आज सुबह दिल्ली एयरपोर्ट पर निशा के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और खेल प्रेमी पहुंचे. सभी ने उनकी इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं. कम उम्र में एशियाई स्तर पर पदक जीतने से परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र में गर्व का माहौल है. खेल प्रेमियों का मानना है कि निशा आने वाले वर्षों में भारतीय कुश्ती की मजबूत पहचान बन सकती हैं.

"अगली बार गोल्ड जीतकर लौटूंगी": कांस्य पदक जीतने के बाद निशा मोर ने कहा कि, "मेरा लक्ष्य स्वर्ण पदक जीतना था, लेकिन इस बार मैं उससे चूक गई. अब पहले से ज्यादा मेहनत करूंगी और अगली प्रतियोगिता में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने का पूरा प्रयास करूंगी. मेरा अंतिम सपना ओलंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना है."

कोच ने मेहनत और अनुशासन को बताया सफलता की कुंजी: वहीं, निशा की कोच सीमा ने बताया कि, "पिछले ढाई वर्षों से युद्धवीर अखाड़े में नियमित अभ्यास कर रही हैं. निशा रोजाना कई घंटे कठिन मेहनत करती है. पहली बार विदेश में खेलते हुए पदक जीतना उसकी लगन, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है. हमें विश्वास है कि वह जूनियर से लेकर सीनियर स्तर तक भारत के लिए कई स्वर्ण पदक जीतेगी."

ओलंपिक तक पहुंचने का सपना: निशा मोर की इस उपलब्धि ने हरियाणा ही नहीं, पूरे देश के युवा खिलाड़ियों को प्रेरित किया है. एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने के बाद अब उनका पूरा ध्यान आगामी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी पर है. उनका लक्ष्य केवल पदक जीतना नहीं, बल्कि ओलंपिक में भारत के लिए स्वर्ण पदक हासिल कर देश का नाम दुनिया भर में रोशन करना है.