फिट इंडिया: 'बीटेक पानीपुरी वाली' तापसी उपाध्याय का मोटापा मुक्त अभियान
'बीटेक पानीपुरी वाली' तापसी उपाध्याय ने चंडीगढ़ में ओबेसिटी मुक्त भारत अभियान का संदेश दिया। मेयर सौरभ जोशी से मुलाकात कर स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की अपील की।
चंडीगढ़ : देशभर में मोटापे के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से चल रहे मिशन हेल्दी भारत-ओबेसिटी मुक्त भारत अभियान के तहत सोमवार को तापसी उपाध्याय चंडीगढ़ पहुंचीं. नगर निगम दफ्तर में उन्होंने मेयर सौरभ जोशी से मुलाकात की. इस दौरान मेयर ने अभियान का समर्थन करते हुए इसे स्वस्थ भारत की दिशा में एक सकारात्मक पहल बताया.
चंडीगढ़ पहुंची तापसी उपाध्याय : बी.टेक पानी पूरी वाली के नाम से पहचान बनाने वाली तापसी उपाध्याय पिछले 16 महीनों से मोटरसाइकिल पर पूरे देश का सफर कर रही हैं. अब तक वे करीब 4,000 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर चुकी हैं. उनका लक्ष्य 26 राज्यों में जाकर लोगों को मोटापा, खराब जीवनशैली, संतुलित खानपान, नियमित व्यायाम और बीमारी से बचाव के प्रति जागरूक करना है. ये यात्रा 15 अगस्त 2026 को दिल्ली में जाकर समाप्त होगी.तापसी ने बताया कि अभियान के दौरान अब तक वे एक लाख से अधिक लोगों से सीधी बातचीत कर चुकी हैं. इनमें छात्र, युवा, महिलाएं, वरिष्ठ नागरिक, फिटनेस प्रेमी, स्वास्थ्य विशेषज्ञ और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य शामिल हैं.
मोटापा तेज़ी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या : वहीं मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि आज के समय में मोटापा तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल है. इससे बचने के लिए लोगों को नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और सक्रिय जीवनशैली अपनानी होगी. उन्होंने कहा कि नगर निगम भी शहर में स्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई जनजागरूकता अभियान चला रहा है और ऐसे प्रयासों को पूरा सहयोग दिया जाएगा.
तापसी उपाध्याय ने मेयर का जताया आभार : तापसी उपाध्याय ने मेयर का आभार जताते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल यात्रा करना नहीं, बल्कि लोगों को ये समझाना है कि छोटी-छोटी अच्छी आदतें अपनाकर मोटापे और जीवनशैली से जुड़ी कई बीमारियों से बचा जा सकता है. उन्होंने कहा कि उनकी यात्रा आगे भी देशभर में जारी रहेगी और अधिक से अधिक लोगों को 'फिट इंडिया' और 'ओबेसिटी मुक्त भारत' के संदेश से जोड़ा जाएगा.
कौन हैं तापसी उपाध्याय ? : तापसी उपाध्याय मध्यमवर्गीय परिवार से हैं. दिल्ली में बीटेक की पढ़ाई के दौरान उन्होंने पानीपुरी का ठेला लगाना शुरू किया, जो जल्द ही 'बीटेक पानीपुरी वाली' ब्रांड बन गया. इस स्टार्टअप में सैकड़ों युवतियों को उन्होंने रोजगार भी दिया.